बलिया. बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। लेकिन अभी तक उसे पकड़ने में पुलिस को सफलता नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस इस मामले में आरोपियों पर इनाम का ऐलान भी कर चुकी है।

क्या है मामला?
बता दें कि बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को दोपहर बाद पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस वक्त हुई जब कोटा की दुकान के लिए एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में गांव में खुली बैठक चल रही थी। इस मामले का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह है जो अभी तक फरार है।

हर फरार आरोपी पर 50 हजार का इनाम 
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बलिया गोलीकांड के आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। 15 अक्टूबर को हुई इस घटना में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। जबकि पुलिस स्थानीय बीजेपी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित छह लोगों की तलाश में है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और पांच अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। आठ आरोपियों के अलावा मामले में एफआईआर में 20-25 अज्ञात आरोपियों का उल्लेख है। इसके अलावा डीआईजी (आजमगढ़ रेंज) सुभाष चंद्र दुबे ने प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना पर 50,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है।

मुख्य आरोपी का आपूर्ति निरीक्षक को धमकाने का ऑडियो वायरल
बलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह राशन की दो दुकानों के आवंटन को लेकर तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक को धमकी दे रहा है। यह ऑडियो 15 मई 2019 का है, जिसमें धीरेंद्र प्रताप सिंह एरिया के सप्लाई इंस्पेक्टर दुर्गा यादव को धमकी दे रहा है। ऑडियो में सप्लाई इंस्पेक्टर से बात करते हुए वह विधायक का नाम ले रहा है। धीरेंद्र प्रताप विधायक का नाम लेकर सप्लाई इंस्पेक्टर पर दवाब बना रहा है और अधिकारी के खिलाफ गुस्से में अपशब्द कहने के अलावा देख लेने की धमकी भी दे रहा है।