प्रयागराज बवाल के बाद पुलिस से अभी भी राजनीतिक सियासी दलों के आरोपी दूर है। इसके लिए कोर्ट से आदेश लेकर वारंट जारी करने की तैयारी कर रही है। इस घटना में सपा और एआईएमआईएम के कई नाम शामिल है। 

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में बीते शुक्रवार यानी दस जून को जुमे की नमाज के बाद राज्य के अलग-अलग जिलों में हिंसा की घटनाएं सामने आई। जिसके बाद उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के पांच दिन बीत गए हैं। लेकिन अभी भी कई नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से बहुत दूर है। इस बवाल में जिन लोगों का सियासी कनेक्शन सामने आया था खासतौर पर पुलिस अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। इसमें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शाह आलम पुलिस की पकड़ से दूर है। साथ ही एआईएमआईएम के नेता जीशान रहमानी को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं समाजवादी पार्टी के पार्षद फजल खान की भी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

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एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले
पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करें। इसी को लेकर पुलिस उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी करवाने की तैयारी कर रही है। तो वहीं दूसरी ओर शहर के अटाला उपद्रव के दौरान एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले करने वाले उपद्रवियों से भी अब नुकसान की भरपाई करने की तैयारी की जा रही है। शहर के अटाला क्षेत्र में हुई हिंसा के दौरान एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले करने वाले उपद्रवियों से अब नुकसान की भरपाई करने की तैयारी की जा रही है। उपद्रवियों ने एक दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवालों में झोंक दिया। इसको लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने क्षतिग्रस्त वाहनों की एक सूची आरटीओ को सौंपी गई है।

अन्य आरोपियों के मकान व दुकान हो रहे चिन्हित
बता दें कि बवाल के बाद हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के जेके आशियाना कॉलोनी स्थित घर पर 12 जून को पुलिस बुलडोजर चला चुकी है। अब हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों के मकानों और दुकानों को चिन्हित किया जा रहा है। आरोपियों के 35 मकानों और 33 दुकानों को चिन्हित किया गया है। चिन्हित सभी आरोपियों के निर्माण के दस्तावेजों की जांच हो रही है। इसके लिए नगर निगम और पीडीए की संयुक्त टीम ने चिन्हीकरण की कार्रवाई की है। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही इन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा। हिंसा के बाद उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई कर सभी को सख्त संदेश देना चाहती है कि कानून के प्रति कोई खिलवाड़ न कर सके। तो वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का पूरा फोकस अब आगमी जुमे की नमाज को लेकर है। 

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