आज सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रामायण और महाभारत की झलकियां भी देख सकेंगे। इसके लिए अयोध्या शोध संस्थान और यूपी ललित कला अकादमी ने बड़ी मेहनत की है। बता दें कि 24 जनवरी 1950 को ही उत्तर प्रदेश अस्तित्व में आया था। इससे पहले ब्रतानिया हुकूमत में इसका नाम अवध प्रांत था।

लखनऊ (Uttar Pradesh)। आज उत्तर प्रदेश दिवस है। इसके उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें भगवान श्रीराम की विश्व यात्रा के साथ ही साथ कृष्ण और महाभारत की भी जलकियां देखने को मिलेंगी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस तरह दिखाई जाएगी भगवान राम की प्रदर्शनी
राम की विश्व यात्रा पर एक भव्य प्रदर्शनी अयोध्या शोध संस्थान की तरफ से लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी में भगवान राम की ओर से अपने जीवन काल में किए गए विदेश यात्रा का परिचय देख सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर प्रदर्शनी के माध्यम से उनकी विदेश यात्रा के उद्देश्य को भी समझाया जाएगा। 

भगवान कृष्ण की लीलाओं की प्रदर्शनी
इसी तरह से भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी प्रदर्शनी भी अवध शिल्प ग्राम में लगाई जाएगी। इसमें कृष्ण की सभी लीलाओं को दिखाया जाएगा। साथ ही महाभारत के सभी नाटकीय और गम्भीर पहलुओं को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया जाएगा।

18 साल की तपस्या का फल
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह ने मीडिया को बताया कि उनके साथियों की 18 साल की तपस्या और राम पर किए गए शोध की झलक इस प्रदर्शनी में दिखेगी। इस प्रदर्शनी में दो तरीके से राम की विश्व यात्रा को दिखाया जाएगा। 

आज ही के दिन अस्तित्व में आया था उत्तर प्रदेश
बता दें कि आज यूपी का 70वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। 24 जनवरी 1950 को ही उत्तर प्रदेश अस्तित्व में आया था। इससे पहले ब्रतानिया हुकूमत में इसका नाम अवध प्रांत था।