लखनऊ में  CAA के विरोध में दो दिन लगातार हुई हिंसा के बाद तनावपूर्ण शान्ति बरकरार है। शनिवार दोपहर इंटरनेट सेवाएं कुछ देर के लिए  बहाल करने के बाद फिर से रोक लगा दी गई। प्रशासन के निर्देशानुसार अब 23 दिसंबर की मध्यरात्रि तक इंटरनेट सेवा बाधित रहेगी

लखनऊ(Uttar Pradesh ). लखनऊ में CAA के विरोध में दो दिन लगातार हुई हिंसा के बाद तनावपूर्ण शान्ति बरकरार है। शनिवार दोपहर इंटरनेट सेवाएं कुछ देर के लिए बहाल करने के बाद फिर से रोक लगा दी गई। प्रशासन निर्देशानुसार अब 23 दिसंबर की मध्यरात्रि तक इंटरनेट सेवा बाधित रहेगी। तनाव वाले इलाकों में पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है। दंगा नियंत्रण फोर्सेज की भी तैनाती की गई है। उधर गुरूवार को हुए बवाल के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर चाक से अपना इरादा जाहिर करते हुए संदेश लिखा। 

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राजधानी में लखनऊ में गुरूवार से हिंसा की आग अचनाक भड़क उठी। CAA के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हजारों लोग सड़क पर उतर गए और जमकर कहर ढाया। कई गाड़ियों को आग के हवाले करने के साथ ही मीडिया व पुलिस की गाड़ियां भी आग के हवाले कर दी गई। बवाल के बाद ये माना गया कि उपद्रवी लखनऊ के बाहर से बुलाए गए थे। इसके बाद अगले दिन शुक्रवार को भी दोपहरबाद प्रदर्शनकारियों का उत्पात जारी रहा। इस दौरान दो पुलिसचौकियों को आग के हवाले करने के साथ ही दो दर्जन से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। लखनऊ पुलिस ने इस मामले में अब तक तकरीबन 250 लोगों को गिरफ्तार किया है। 

दंगाइयों ने सड़क पर लिखा ये संदेश 
लखनऊ के परिवर्तन चौक इलाके में दंगाइयों ने खूब उत्पात मचाया था। गुरूवार को इस इलाके में जहां पुलिस की गाड़ियों समेत मीडिया की गाड़ियां आग के हवाले कर दी गई थी वहीं जमकर पथराव भी हुआ था। दंगाइयों ने पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए सड़क पर एक संदेश लिखा था। दंगाइयों ने चाक से लिखा था, "लाठी पत्थर खून नहीं ये वाद-विवाद की आजादी"। दंगाइयों ने इस संदेश के बहाने अपनी मंशा साफ़ कर दी थी कि उन्हें किस कदर बरगलाया गया है। 

अब तक 10900 लोगों के खिलाफ एफआईआर 
यूपी में अब CAA के विरोध में हुई हिंसा के मामले में 10900 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके आलावा 705 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 4500 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई हुई है। हिंसा में 263 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। जबकि 57 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं।