बृजभूषण शरण सिंह 5 जून को प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन के बहाने लाखों की भीड़ जुटाकर 4800 किलो के वजन का केक काटकर देश को अपनी राजनैतिक व बाहुबली की ठसक वाली छवि दिखाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है रामनगरी से वे एक बड़ी राजनैतिक लकीर खींचने की फिराक में हैं।

अनुराग शुक्ला
अयोध्या: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के चीफ राजठाकरे और कैसरगंज लोकसभा के बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच अयोध्या यात्रा बीते दिनों सुर्खियों में रही। राज ठाकरे ने यात्रा तो स्थगित कर दी लेकिन बृजभूषण शरण सिंह 5 जून को प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन के बहाने लाखों की भीड़ जुटाकर 4800 किलो के वजन का केक काटकर देश को अपनी राजनैतिक व बाहुबली की ठसक वाली छवि दिखाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है रामनगरी से वे एक बड़ी राजनैतिक लकीर खींचने की फिराक में हैं।

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अयोध्या के तुलसी उद्यान में योगी के जन्मदिन पर कटेगा केक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज ठाकरे ने बीते रविवार को पुणे रैली में बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अयोध्या यात्रा के दौरान फसाने की साजिश रची गई थी। इसीलिए उन्होंने यह दौरा कुछ दिनों के लिए रद्द किया है। फिलहाल 5 जून को अयोध्या में 5 लाख से अधिक समर्थकों को जुटाने का लक्ष्य बृजभूषण का है। इससे पहले वे कई प्रदेशों में जन सम्पर्क अभियान में बैठक कर रहें हैं। कार्यक्रम की योजना बनाने में जुटे लोगों ने बताया कि 5 जून को सुबह 10 बजे राम नगरी के तुलसी उद्यान में सबसे पहले योगी के जन्मदिन पर 4800 किलो का केक काटकर खुशी मनाई जाएगी। 

5 लाक समर्थकों के इकट्ठा होने का दावा
सूत्र का दावा है कि इतने वजन का केके काटकर रेकॉर्ड बनाया जाएगा। केक कार्यक्रम स्थल पर ही बनाया जाएगा। इसके बाद लाव-लश्कर के साथ 1 बजे हनुमानगढ़ी और 2 बजे राम जन्मभूमि में रामलला का दर्शन का कार्यक्रम है। सूत्रों ने बताया कि गोंडा, नवाबगंज, कैसरगंज, बहराइच ,बभनान ,श्रावस्ती, बस्ती, अंबेडकर नगर ,गोरखपुर और बनारस सहित आसपास के लगभग 20 जिले सहित कई प्रदेश जैसे बिहार और झारखंड सहित कई जगहों से भारी संख्या में समर्थकों को बुलाया गया है ।उन्होंने दावा किया है कि समर्थकों की संख्या 5 लाख से अधिक होगी।

मनसे प्रमुख के विरोध से उपजे 'डैमेज कंट्रोल' को भी साधेंगे बृजभूषण
राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि 5 जून को मनसे प्रमुख का विरोध करके कहीं न कहीं बीजेपी को बृज भूषण शरण सिंह ने नाराज किया है। अगर राज ठाकरे की यात्रा अयोध्या में होती तो पार्टी के सामने धर्म संकट जैसी स्थिति खड़ी हो जाती। जानकारों का मानना है कि अब बृजभूषण अयोध्या से देश की राजनीति को एक संदेश देना चाहते है। साथ ही राजनीतिक धुरंधरों को अपनी राजनैतिक हैसियत से भी परिचित करा कर एक तीर से कई निशाने को साधने की तैयारी में है। 2024 में लोकसभा का चुनाव है। जानकारों का मानना है कि बृजभूषण सरयू नदी में नाव पर बैठ चुके है। अब हवा का झोंका जिस तरफ तेज होगा उनकी सियासत उस दिशा से शुरू हो जाएगी।