नागरिकता कानून का विरोध कर रहे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने वाइस चांसलर तारिक मंसूर की तुलना जनरल डायर से की है। छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा-जनरल डायर की जनाजे नमाज पढ़ी जाएगी। वहीं, गुरुवार को वीसी धरना दे रहे छात्रों के बीच पहुंचे और इस पोस्ट के मायने पूछे। 

अलीगढ़ (Uttar Pradesh). नागरिकता कानून का विरोध कर रहे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने वाइस चांसलर तारिक मंसूर की तुलना जनरल डायर से की है। छात्रों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा-जनरल डायर की जनाजे नमाज पढ़ी जाएगी। वहीं, गुरुवार को वीसी धरना दे रहे छात्रों के बीच पहुंचे और इस पोस्ट के मायने पूछे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वीसी ने छात्रों से कहा, ऐसे शब्दों का इस्तेमाल गलत
जनरल डायर से तुलना किए जाने पर कुलपति तारिक मंसूर छात्रों के बीच तीन पन्नों का एक लेटर लेकर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को पोस्ट दिखाते हुए कहा- ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना गलत है। 15 दिसंबर को हुई घटना पर मुझे अफसोस है। मैंने एसएसपी को लेटर लिखा है। केंद्र सरकार इस यूनिवर्सिटी को 1100 करोड़ रुपए बजट देता है, इसलिए हमारी भी सरकार के प्रति जवाबदेही है। कोई ऐसा काम न करें, जिससे भ्रम फैले।

छात्रों ने की ये मांग
वहीं, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैज़ुल हसन ने कहा- वीसी आज 32वें दिन धरना दे रहे छात्रों के बीच आए। वो भी हमको सुनाने। हमने उनसे कहा, आप उस दिन कहां थे, जब छात्रों का उत्पीड़न किया जा रहा था। जनरल डायर से मतलब था कि अपनी हर जगह चलाना, किसी की बात न सुनना। पुलिस को उन्होंने बुलाया। हमको पिटवाया। हम मांग करते हैं कि भारत के राष्ट्रपति वाइस चांसलर से तुरंत रिजाइन कराएं।

क्या है पूरा मामला
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बीते 32 दिनों से छात्र धरना दे रहे हैं। बीते 15 दिसंबर 2019 को प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।