जिले के सभी थाने की कमान एक घंटे के लिए छात्र-छात्राओं के हाथ में रही। एसएसपी के निर्देश पर सभी को थानेदार बनाया गया था। जिन छात्र-छात्राओं को मौका मिला उन्होंने उन्होंने बखूबी अपने कौशल का परिचय दिया। लोगों की शिकायतें सुनी। पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए।

गोरखपुर (Uttar Pradesh)। पुलिस का भय समाप्त करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नायाब पहल की। गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी थानों में मेधावी छात्र-छात्राओं को एक घंटे के लिए वहां का थानेदार बना दिया। शहर कोतवाली में गणतंत्र दिवस पर कोतवाल बनी कक्षा सात की छात्रा अंशिका ने एक महिला और एक पुरूष कांस्टेबल को तीन दिन की छुट्टी दी और पत्रावलियों को देखा। उनके समक्ष पुलिसकर्मियों ने समस्याएं रखी, जिस पर उन्होंने अपने अंदाज में समाधान सुझाए। इसी तरह गुलरिहा पुलिस ने दसवीं के छात्र अवनीश नाहरपुर स्थित ज्‍योति इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्र अवनीश को एक घंटे के लिए थानेदारी दी गई। 

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थानेदारों ने उठाई ये समस्या
थानेदार बने छात्र-छात्राओं ने पहले सड़क पर लगने वाले अतिक्रमण की समस्या को उठाया। साथ ही उससे निजात के लिए उपाय भी बताया। एक घंटे का थानेदार बनाने के साथ ही बैरक, मेस, बंदीग़ृह, कंप्यूटर कक्ष, रसोई घर, मालखाना, कार्यालय में होने वाले कामकाज की जानकारी ली।

फरियादियों से कैसा करें व्यवहार का दिया निर्देश
जिले के सभी थाने की कमान एक घंटे के लिए छात्र-छात्राओं के हाथ में रही। एसएसपी के निर्देश पर सभी को थानेदार बनाया गया था। जिन छात्र-छात्राओं को मौका मिला उन्होंने उन्होंने बखूबी अपने कौशल का परिचय दिया। लोगों की शिकायतें सुनी। पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए।

यूं साझा किए अनुभव
थानेदार बने छात्रों ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि मुझे बहुत अच्‍छा लगा और थाने के सभी लोगों का व्यवहार घर के लोगों जैसा था।