दिल्ली के निजामुद्दीन से निकले जमातियों के चलते देश में कोरोना वायरस के केस तेजी से बढ़े। इसको देखते हुए प्रशासन ने सभी धर्म गुरुओं के साथ बैठक की और शबेबरात में भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए अपील की। धर्मगुरुओं ने प्रशासन को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कब्रिस्तान में नोटिस बोर्ड लगा दिए गए।

झांसी (Uttar Pradesh) । सीएम योगी आदित्य़नाथ के अपील का सार्थक परिणाम दिखने लगा है। दो दिन पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सभी जिलों के धर्मगुरूओं से बात के बाद लोग आगे आने लगे हैं। लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रशासन की अपील पर शहर के कब्रिस्तानों में बोर्ड लगाकर फातिहा पढ़ने पर रोक लगा दी है। धर्मगुरुओं का कहना है कि, कब्रिस्तानों में भी लोगों की भीड़ इकट्ठा न हो, इसलिए ये कदम उठाया गया है।

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शब्बे बारात में कब्रिस्तानों पर उमड़ती है भीड़
मुफ्ती इमरान नदवी ने कहा कि शबे बारात मुस्लिम धर्म में बड़ा त्योहार माना जाता है। इस बार शबे बारात 9 अप्रैल को मनाया जाने वाला है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों पर जाते हैं और उन पर फूल चढ़ाकर फातिहा पढ़कर उनके लिए दुआ करते हैं। इस दिन कब्रिस्तानो में हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जमा होती है।

बोर्ड लगाकर की ये अपील
दिल्ली के निजामुद्दीन से निकले जमातियों के चलते देश में कोरोना वायरस के केस तेजी से बढ़े। इसको देखते हुए प्रशासन ने सभी धर्म गुरुओं के साथ बैठक की और शबेबरात में भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए अपील की। धर्मगुरुओं ने प्रशासन को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कब्रिस्तान में नोटिस बोर्ड लगा दिए गए। जिसमें कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन का पालन करने का निर्देश दिए गए है और कब्रिस्तानो में न आने के बात कही गई है।