अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद के 2027 यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज है। AIMIM प्रयागराज अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्ताव आने पर पार्टी हाईकमान टिकट पर गंभीरता से विचार करेगा। जानिए उमर की सियासी एंट्री को लेकर क्या है पूरा मामला।

प्रयागराज की सियासत में अतीक अहमद परिवार का नाम एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई चुनावी रैली या राजनीतिक ऐलान नहीं, बल्कि जेल में बंद अतीक के बड़े बेटे मोहम्मद उमर अहमद को लेकर उठ रही चुनावी अटकलें हैं। सवाल यह है कि क्या उमर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकता है? इन चर्चाओं को उस समय और हवा मिली, जब AIMIM के प्रयागराज महानगर अध्यक्ष अफसर महमूद ने कहा कि अगर उमर पार्टी में शामिल होने और चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजते हैं, तो उनकी सिफारिश के बाद पार्टी हाईकमान टिकट देने पर गंभीरता से विचार कर सकता है।

ओवैसी को भेजे पैगाम के बाद क्यों शुरू हुई चर्चा?

उमर अहमद के संभावित सियासी डेब्यू की चर्चा 8 अगस्त 2026 के बाद तेज हुई। अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद हाईकोर्ट से कस्टडी पैरोल मिलने पर लखनऊ जेल में बंद उमर और झांसी जेल में बंद उनके भाई अली अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया था।

इस दौरान दोनों भाइयों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसी दौरान मस्जिद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से उनकी मुलाकात हुई। बताया गया कि उमर और अली ने असदुद्दीन ओवैसी के लिए अपना सलाम और पैगाम भेजा। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगा कि क्या यह मुलाकात महज संयोग थी या फिर अतीक परिवार की सियासत में वापसी की कोई जमीन तैयार हो रही है।

यह भी पढ़ें: Chinese Manjha से बचकर! गोरखपुर में व्यापारी का गला कटा, अब ड्रोन कैमरे से रखी जा रही नजर

AIMIM नेता ने क्या कहा?

AIMIM के प्रयागराज महानगर अध्यक्ष अफसर महमूद के बयान ने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया है। उनके मुताबिक अतीक अहमद और उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन पहले AIMIM से जुड़े रहे हैं और अली अहमद भी पार्टी में शामिल हुआ था। अफसर महमूद ने कहा कि उमर जेल में होने के कारण उस समय पार्टी की सदस्यता नहीं ले सके थे। अगर उमर पार्टी में शामिल होने और 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजते हैं, तो उनकी सिफारिश के बाद AIMIM हाईकमान इस पर गंभीरता से विचार करेगा और टिकट को लेकर फैसला करेगा।

हालांकि, यह बयान उमर को टिकट मिलने की आधिकारिक घोषणा नहीं है। फिलहाल न उमर की ओर से चुनाव लड़ने का औपचारिक ऐलान सामने आया है और न ही AIMIM ने उन्हें उम्मीदवार घोषित किया है।

जेल से चुनाव लड़ने में क्या होगी सबसे बड़ी चुनौती?

यहीं से इस संभावित सियासी एंट्री का सबसे बड़ा सवाल शुरू होता है। उमर अहमद फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। ऐसे में चुनाव लड़ने की उनकी पात्रता केवल राजनीतिक समर्थन से तय नहीं होगी। उनकी कानूनी स्थिति, अदालत के आदेश और चुनावी नियम भी अहम भूमिका निभाएंगे। AIMIM नेता ने भी माना है कि कानूनी अड़चन और कोर्ट की अनुमति का सवाल अलग है। यानी पार्टी स्तर पर संभावित टिकट पर विचार की बात कही गई है, लेकिन चुनाव लड़ने की वास्तविक राह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

अतीक परिवार और AIMIM का पुराना कनेक्शन

अतीक अहमद परिवार और AIMIM के बीच राजनीतिक संपर्क नया नहीं है। वर्ष 2021 में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन AIMIM में शामिल हुई थीं। बाद में अली अहमद के पार्टी से जुड़ने की बात भी सामने आई। अब उमर के नाम की चर्चा ने इस पुराने राजनीतिक रिश्ते को फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि 2027 का चुनाव अभी दूर है और फिलहाल उमर की उम्मीदवारी को लेकर केवल संभावनाओं और बयानों का दौर चल रहा है।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अतीक अहमद का बेटा उमर 2027 में AIMIM के टिकट पर चुनाव जरूर लड़ेगा। फिलहाल इतना जरूर है कि AIMIM के स्थानीय नेतृत्व ने संभावित प्रस्ताव आने पर हाईकमान के स्तर पर विचार की बात कही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि उमर की ओर से कोई औपचारिक राजनीतिक कदम उठाया जाता है या नहीं और उनकी कानूनी स्थिति आगे क्या मोड़ लेती है।

यह भी पढ़ें: वंदे मातरम् पर बवाल! अमित शाह ने सोनिया गांधी को सुनाई खरी-खोटी, बोले- देश कभी माफ नहीं करेगा!