'समय तेजी से बीत रहा है!' अमेरिका ने ईरान पर 'आर्थिक डी-डे' की घोषणा कर दुनिया को डरा दिया है। डॉलर सिस्टम से बेदखली का खौफनाक फरमान जारी हो चुका है-क्या यह तेहरान को घुटनों पर लाएगा या दुनिया में आएगा नया महाविनाश?

US Sanctions On Iran: ईरान पर अमेरिकी दबाव अब आर्थिक मोर्चे पर निर्णायक दौर में पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे सख्त आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान करते हुए वैश्विक नेताओं को अंतिम चेतावनी दी है। अमेरिका ने ईरान की 'आर्थिक जीवन रेखा' को पूरी तरह से काटने और उसे मदद पहुंचाने वाले देशों पर कड़े सेकेंडरी प्रतिबंध लगाने की बात कही है।

सबसे बड़ा खतरा किसे?

बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ आर्थिक लेनदेन करने या उसके तेल को पैसे में बदलने में मदद करने वाली संस्थाएं अब अमेरिकी निशाने पर होंगी। उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। उनके मुताबिक, प्रतिबंधों के मामले में अब किसी भी तरह का ‘ग्रे एरिया’ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दुनिया के नेताओं को संकेत दिया कि उन्हें अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक संबंधों को लेकर स्पष्ट फैसला करना होगा।

डॉलर सिस्टम से कटने की धमकी क्यों गंभीर?

अमेरिका का डॉलर और वैश्विक वित्तीय तंत्र पर प्रभाव ईरान के लिए इस चेतावनी को बेहद गंभीर बनाता है। बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था के फायदे उठाते हुए ईरान की मदद करने की कोशिश करने वालों को इसकी कीमत चुकानी होगी। वॉशिंगटन का नया अभियान युद्ध के करीब छह महीने बाद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ाने की कोशिश है। अमेरिका का दावा है कि प्रतिबंधों का उद्देश्य तेहरान की कमाई के संभावित रास्तों को बंद करना है।

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ऐतिहासिक निचले स्तर पर रियाल, जनता बेहाल

  • करेंसी में ऐतिहासिक गिरावट: ट्रेडिंग शुरू होते ही ईरानी रियाल टूटकर रिकॉर्ड 2.02 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है।
  • आकाश छूती महंगाई: जंग और नाकेबंदी के कारण चावल की कीमतों में 60% और बीफ की कीमतों में 150% से अधिक की भारी बढ़ोतरी हुई है।
  • जीडीपी पर मार: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में ईरान की जीडीपी में 5% से अधिक की भीषण गिरावट दर्ज की जाएगी।

ट्रंप का दावा- ‘ईरान बर्बाद हो रहा है’!

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरान “पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है”। उन्होंने ईरान को आर्थिक और सैन्य बर्बादी के चक्र में फंसा हुआ देश बताया।

रियाल टूटा, महंगाई ने बढ़ाई मुश्किल

ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है और एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 2.02 मिलियन रियाल तक पहुंच गई। युद्ध से पहले भी ईरान दोहरे अंकों की महंगाई और कमजोर आर्थिक विकास से जूझ रहा था। युद्ध के बाद चावल की कीमत करीब 60% और बीफ की कीमत 150% से ज्यादा बढ़ने का दावा है। IMF के अनुमान के मुताबिक ईरान की GDP में 5% से अधिक गिरावट आ सकती है।