BPSC Student Protest Patna : बिहार में BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। पटना में गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च निकाला गया है। वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगें मान ली हैं।
बिहार की राजधानी पटना में वबाल मचा हुआ है। हजारों की संख्या में छात्र 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने और बिहार शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च निकाला गया है। साथ ही बिहार के शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही है। जबकि मंगलवार को कहा कि सरकार ने छात्रों की सारी मांगें मान ली हैं और बातचीत के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। तो आइए जानते हैं कौन यह एजुकेशन मिनिस्टर?
कितने पढ़े लिखे हैं बिहार के शिक्षा मंत्री
- मिथिलेश तिवारी वर्तमान में सम्राट चौधरी सरकार में शिक्षा विभाग के मंत्री हैं। उन्होंने बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक का चुनाव जीतकर मई 2026 में इस पद का कार्यभार संभाला है। उनकी गिनती बिहार के बीजेपी के सबसे सीनियर नेताओं में होती है। वह कई बार विधायक का चुनाव जीत चुके हैं।
- अगर बिहार के शिक्षा मंत्री की एजुकेशन की बात की जाए तो उन्होंने मगध विश्वविद्यालय और गया के बी.डी. इवनिंग कॉलेज, पटना से अर्थशास्त्र विषय में स्नातक (बी.ए. ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की है।
मिथिलेश तिवारी का सियासी सफर?
बता दें कि मिथिलेश तिवारी ने अपने दम पर राजनीति में पहचान बनाई है। उनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं रहा है। इसके बाद भी वह राज्य के दिग्गज नेता हैं। वह छात्र जीवन से ही सियासत में सक्रिय हैं। 1988 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और 1990 में भारतीय जनता पार्टी ज्वॉइन कर ली। इस दौरान पार्टी ने उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां दीं। वह प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य, और बिहार, बंगाल, उड़ीसा तथा झारखंड के प्रभारी निभा चुके हैं। तिवारी 2005 पहली बार विधायक का चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 2015 में भाजपा ने फिर चुनावी मैदान में उतारा और चुनाव जीत लिया।
मंत्री ने कहा-छात्रों की सारी मांग मान ली गई हैं…
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार राज्य के युवाओं की समस्याओं को समय पर सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सरकार ने ये कदम सिर्फ़ छात्रों के आंदोलन के दबाव में नहीं उठाए हैं। तिवारी ने कहा, "जिन मुद्दों को लेकर छात्र धरना दे रहे थे, वे सभी सुलझा लिए गए हैं। छात्रों की लगभग सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं और अगर फिर भी कोई चिंता है तो वे सरकार से आकर बात कर सकते हैं।
तेजस्वी यादव कभी बोर्ड एक्जाम में नहीं बैठे…
उन्होंने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा-मुझे यह सुनकर हैरानी हुई कि एक ऐसा व्यक्ति जो कभी बोर्ड की परीक्षा में भी नहीं बैठा, वह परीक्षाओं पर सुझाव दे रहा है। तेजस्वी यादव से कहूंगा कि वे बिहार के किसी सरकारी स्कूल में दाखिला लें, दसवीं की परीक्षा पास करें और फिर हमें परीक्षाओं पर सुझाव देने आएं."


