Mumbai Rustomjee Crown Demolition: मुंबई के रुस्तमजी क्राउन के 1 लाख रुपए प्रति वर्ग फीट वाले 128 लग्जरी फ्लैट्स पर क्यों चला BMC का हथौड़ा? 250 करोड़ की जगह पर कब्जे का सच और नेताओं-अफसरों के नाम! जानिए 'रुस्तमजी क्राउन' की 63 मंजिला इमारतों का खौफनाक सच।

Mumbai BMC News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के सबसे महंगे और पॉश रिहायशी इलाकों में शुमार 'रुस्तमजी क्राउन' में अचानक शुरू हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने कथित तौर पर बिना मंजूरी के किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभादेवी स्थित क्राउन मिल कंपाउंड में बने इस अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट के 128 फ्लैट्स पर यह गाज गिरी है।

किस-किसके फ्लैट कार्रवाई के दायरे में? पावर और रसूख का ठिकाना

इस कार्रवाई ने मुंबई के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। खबरों के मुताबिक, जिन फ्लैट्स पर बीएमसी का बुलडोजर चल रहा है, उनमें महाराष्ट्र के कई दिग्गज नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और बड़े कारोबारियों के नाम जुड़े हैं। इनमें महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय राठौड़ और उनकी पत्नी शीतल राठौड़ से जुड़ा एक फ्लैट शामिल है। इसके अलावा राज्य के पूर्व मंत्री दीपक केसरकर का फ्लैट भी कार्रवाई के घेरे में है, जिसके लिए वे हर महीने 4.20 लाख रुपये का भारी-भरकम किराया चुकाते हैं। साथ ही, शिवसेना विधायक सदा सरवणकर के बेटे समाधान सरवणकर का अपार्टमेंट भी इस लिस्ट में बताया जा रहा है।

लिफ्ट के पास की जगह बनी कार्रवाई की वजह

मामला फ्लैट्स के आसपास मौजूद कॉमन और खुली जगहों से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, कुछ फ्लैट मालिकों ने लिफ्ट के आसपास की साझा जगहों को अपने अपार्टमेंट में मिला लिया। आरोप है कि इन हिस्सों में बिना मंजूरी निर्माण कराकर फ्लैट का क्षेत्र बढ़ाया गया। RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद BMC के G-South वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर ने कथित अनधिकृत ढांचों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।

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250 करोड़ की जगह पर अवैध कब्जा: जानिए क्या था पूरा मामला

यह पूरा विवाद इमारत की लिफ्ट के आसपास की साझा (कॉमन) और खुली जगहों से जुड़ा है। आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर ने बीएमसी में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 128 फ्लैट मालिकों ने बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करते हुए लिफ्ट लॉबी और सर्विस एरिया जैसी साझा जगहों को अवैध तरीके से अपने व्यक्तिगत फ्लैट्स में मिला लिया। इस पूरी प्रभावित जगह का बाजार मूल्य 250 करोड़ रुपये से ज्यादा आंका गया है। आपको बता दें कि इस लग्जरी प्रोजेक्ट में प्रॉपर्टी की कीमत 1 लाख रुपये प्रति वर्ग फीट से अधिक है।

63 मंजिला टावरों पर कार्रवाई: आरटीआई शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

'रुस्तमजी क्राउन' प्रोजेक्ट में 63-63 मंजिलों के तीन भव्य टावर शामिल हैं, जिनमें से दो टावरों को बीएमसी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिल चुका है। आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर बीएमसी के G-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर ने मामले की जांच की और अवैध रूप से कब्जाई गई जगहों पर बने ढांचे को गिराने के सख्त आदेश जारी किए। फिलहाल बीएमसी का अमला पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात है और बिना मंजूरी के किए गए निर्माण को हटाने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। मुंबई के इतिहास में इतने हाई-प्रोफाइल लोगों से जुड़े प्रोजेक्ट पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर अब रसूखदारों को भी बख्शा नहीं जाएगा।