वसूली के मामले में रेलवे अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि न तो हम टिकट का पैसा ले रहे हैं और न ही रास्ते में टिकट चेक किया जा रहा है। राज्य सरकार को इकट्ठा टिकट दे देते हैं। इसका 85 प्रतिशत रेलवे और 15 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना है।

मीरजापुर ( Uttar Pradesh) । गुजरात के सूरत से आने के लिए पैसे का इंतजाम न होने पर मीरजापुर की राधिका ने पायल बेच दी थी। इसकी खबर कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी को हुई तो वो हरकत में आ गई। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को निर्देश दिया कि वे जिलाध्यक्ष से कहें कि घर जाकर राधिका को पायल का दाम दें और उसकी समस्याओं के समाधान का भी प्रयास करें। इसके लिए कांग्रेसी महिला की तलाश कर रहे हैं।

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यह है पूरा मामला
गुजरात के सूरत से शुक्रवार को 1187 प्रवासी श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन दोपहर सवा तीन बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची थी। यहां से मजदूरों को 41 बसों से उनके जिले भेजा गया था। ट्रेन से आने वाली मिर्जापुर की राधिका ने मीडिया से कहा था कि उसके पास गुजरात से आने के लिए पैसा नहीं था। किसी तरह मांगकर खाना तो खा लेती थी लेकिन, एक रुपये भी नहीं बचा था। जब पता चला कि ट्रेन का किराया लगेगा तो टिकट का पैसा लेने वाले ने मेरी एक जोड़ी पायल बिकवाई, तब दो लोगों का टिकट दिया। 

जिलाध्यक्ष ने कही ये बातें
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह पटेल ने कहा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इसकी जानकारी दी है। राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा है कि वे राधिका के घर जाएं। उनको पायल का पैसा देने के साथ उसकी मदद करें। इसके लिए मंहिला से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

रेलवे के अधिकारी काट रहे किनारा
वसूली के मामले में रेलवे अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि न तो हम टिकट का पैसा ले रहे हैं और न ही रास्ते में टिकट चेक किया जा रहा है। राज्य सरकार को इकट्ठा टिकट दे देते हैं। इसका 85 प्रतिशत रेलवे और 15 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना है।