जयपुर निवासी मामचंद आनंद पेशे से वाहन चालक हैं। गृहस्थ जीवन से सन्यासी जीवन में प्रवेश कर वह अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को समझना चाहते हैं। मामचंद के तीन बेटे-बेटियां हैं। हालांकि उनका कहना है कि शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ द्वारा प्रवर्तित नाथपंथ उन्हें खासा प्रभावित करता है।

गोरखपुर: गोरक्षपीठाधीश्वर व उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अटूट निष्ठा कई लोगों में देखने को मिलती है। यह लोग सिर्फ प्रदेश ही नहीं है। अन्य राज्यों में भी योगी आदित्यनाथ के लिए ऐसी निष्ठा वाले लोग रहते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के प्रति दीवानगी का एक ऐसा ही आलम फिर देखने को मिला। गोरखपुर मंदिर पहुंचे मामचंद आनंद पैदल ही राजस्थान के जयपुर से योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए आए। मामचंद का कहना है कि वह नाथपंथ और योगी आदित्यनाथ से काफी ज्यादा प्रभावित हैं। इतना ही नहीं वह नाथपंथ में शामिल होकर अध्यात्म के मार्ग पर चलने के लिए योगी आदित्यनाथ का मार्गदर्शन चाहते हैं।

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जयपुर निवासी मामचंद आनंद पेशे से वाहन चालक हैं। गृहस्थ जीवन से सन्यासी जीवन में प्रवेश कर वह अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को समझना चाहते हैं। आपको बता दें कि मामचंद के तीन बेटे-बेटियां हैं। हालांकि उनका कहना है कि शिवावतारी गुरु गोरक्षनाथ द्वारा प्रवर्तित नाथपंथ उन्हें खासा प्रभावित करता है। इसके पीछे के कारण को लेकर उनका कहना है कि इस पंथ का ध्येय लोक कल्याण का है। योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली को देखकर वह काफी ज्यादा प्रभावित हैं और नाथपंथ का हिस्सा बनने के लिए वह काफी आतुर है। इसी कड़ी में वह जयपुर से पैदल चलकर आए हैं। पैदल आने के पीछे का कारण यह भी है कि वह नए साधना पथ के प्रति अपना समर्पण प्रदर्शित कर सकें। गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मामचंद का कहना है कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उनके जीवन को नई दिशा मिलेगी। 

आपको बता दें कि पहले ही योगी आदित्यनाथ के कई फैन सामने आ चुके हैं। इसी कड़ी में मामचंद भी जयपुर से चलकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वह नाथपंथ का हिस्सा बनना चाहते हैं और अपने समर्पण को प्रदर्शित करने के लिए उन्होंने पैदल आने का यह कदम उठाया है। 

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