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UP:69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाले में टॉपर गिरफ्तार,8 से 10 लाख लेकर पास हुए थे कैंडिडेट!

उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी सामने आने के बाद UP STF को मामले की जांच सौंप दी गई है। इस मामले में पहले से प्रयागराज के सोरांव थाने में दर्ज केस की भी जांच अब STF ही करेगी। डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने एसटीएफ को मामले की जांच सौंपने का आदेश दिया है

Topper arrested in 69 thousand teacher recruitment scam passed with 8 to 10 lakh per candidates kpl
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Lucknow, First Published Jun 9, 2020, 4:39 PM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh). उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी सामने आने के बाद UP STF को मामले की जांच सौंप दी गई है। इस मामले में पहले से प्रयागराज के सोरांव थाने में दर्ज केस की भी जांच अब STF ही करेगी। डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने एसटीएफ को मामले की जांच सौंपने का आदेश दिया है। इस मामले में प्रयागराज पुलिस ने अब तक गड़बड़ी कराने के मास्टरमाइंड डॉ केएल पटेल व परीक्षा में टॉपर की लिस्ट में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में आरोप ये भी लगाया गया है कि कई कैंडीडेट ऐसे भी हैं जिन्होंने पास होने के लिए 8 से 10 लाख रूपए दिए थे। 

मामले में आरोपियों के बड़े नेटवर्क को देखते हुए प्रयागराज पुलिस ने सरकार से जांच एजेंसी बदलने की सिफारिश की थी। इसके बाद डीजीपी ने ये निर्णय लिया कि मामले की जांच UP STF से कराई जाए। बता दें गिरोह के कई लोगों को गिरफ्तार कर अब तक जेल भेजा जा चुका है। मामले में अब पुलिस का शिकंजा सफल अभ्यर्थियों पर भी कसने लगा है। पुलिस ने टॉपर समेत 2 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस के रडार पर 50 से ज़्यादा सफल अभ्यर्थी हैं। अभ्यर्थियों पर गिरोह को 8 से 10 लाख रुपए देकर भर्ती परीक्षा में पास होने का आरोप है। 

Topper arrested in 69 thousand teacher recruitment scam passed with 8 to 10 lakh per candidates kpl

झांसी में तैनात मेडिकल अफसर लेता था पैसे 
पुलिस की पूछताछ में अब तक गिरोह ने 50 से ज़्यादा अभ्यर्थियों को पास कराने की बात कबूली है। पुलिस अफसरों को आशंका है कि सैकड़ों अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है। पैसे लेकर भर्तियां कराने में झांसी में तैनात मेडिकल अफसर का अहम रोल रहा है। डॉ केएल पटेल नाम का ये मेडिकल आफिसर जिला पंचायत का सदस्य भी रहा चुका है। यही नहीं मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले में भी इसका नाम रहा है, ये कई कॉलेजों का संचालक भी बताया जाता है। बताया जा  रहा है कि गिरोह का नेटवर्क यूपी के डेढ़ दर्जन से ज़्यादा जिलों में फैला हुआ है। 

ऐसे हुआ था मामले का खुलासा 
इस मामले में एसएसपी प्रयागराज सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने 5 जून को बताया था कि प्रतापगढ़ निवासी राहुल सिंह ने सोरांव थाने में पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरोपियों ने परीक्षा पास कराने के लिए 7.50 लाख कैश लिया था। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के मुताबिक, एक जून को रिजल्ट आया तो पता चला कि राहुल का नाम उसमें नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आठ नामजद आरोपियों में 7 को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उनके पास से 756000 नकद और अन्य डाक्यूमेंट्स मिले थे। 

हाईकोर्ट ने दिया 37,339 पदों को होल्ड करने का आदेश 
लिखित परीक्षा के डेढ़ साल बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार के कट ऑफ मार्क्स के फैसले को सही ठहराया था। कोर्ट ने 65 और 60 फ़ीसदी अंक के साथ रिजल्ट घोषित करने का निर्देश दिया था। जबकि शिक्षा मित्रों की मांग थी कि भर्ती के लिए विज्ञप्ति के समय कट ऑफ मार्क्स का जिक्र नहीं किया गया था। लिहाजा चयन 45 और 40 फ़ीसदी अंक के आधार पर ही होना चाहिए। शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देशित किया कि लिखित परीक्षा में शामिल शिक्षामित्रों के लिए 37,339 पदों पर भर्ती न करें। हालांकि कोर्ट ने अन्य बचे हुए पदों पर नियुक्ति जारी रखने का निर्देश दिया है। 

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