यूपी की राजधानी लखनऊ में राजभवन के पास ड्रोन कैमरा उड़ा रहे दो संदिग्धों को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में पता लगा कि वह दोनों पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी हैं। सर्वे के चलते वह वहां पर ड्रोन उड़ा रहे थे। 

लखनऊ: राजभवन और विधानभवन के पास ड्रोन उड़ा रहे दो संदिग्धों को रविवार को हिरासत में लिया गया। यह दोनों युवक संदिग्ध रूप से ड्रोन कैमरे से शूटिंग कर रहे थे। इसी बीच रविवार की दोपहर को राजभवन के सुरक्षाकर्मियों की नजर उन पर पड़ी। इसके बाद आनन-फानन में दोनों को हिरासत में ले लिया गया। दोनों ही युवक राजभवन से हजरतगंज की ओर ड्रोन कैमरा उड़ा रहे थे।

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पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी थे दोनों युवक
सुरक्षाकर्मियों के द्वारा दोनों का पीछा किए जाने के बाद पकड़कर हजरतगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो पता लगा कि यह दोनों पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी हैं। दोनों के पास से ड्रोन कैमरा और रिमोट बरामद हुआ। दोनों युवकों ने बताया कि वह विधानसभा और उसके आस-पास की सड़कों का सर्वे कर रहे थे। इसी के चलते ड्रोन कैमरा उड़ाया जा रहा था। हालांकि पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि राजभवन के ऊपर ड्रोन उड़ाने की परमीशन उन दोनों ही युवकों के पास में नहीं थी। लिहाजा उन्हें पूछताछ के बाद हिदायत देकर छोड़ दिया गया है। 

पुलिस ने हिदायत देकर छोड़ा
गौरतलब है कि इस तरह से संदिग्ध युवकों द्वारा हाई सिक्योरिटी जोन में ड्रोन उड़ाते हुए देखे जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। इसी बीच दोनों युवकों पर राजभवन की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की नजर पड़ गई। आनन-फानन में दोनों को ही पकड़कर हजरतगंज पुलिस के हवाले किया गया। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने खुद को पीडब्ल्यूडी का कर्मचारी बताया। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग से भी पड़ताल की। मामले में तफ्तीश के बाद दोनों ही संदिग्ध युवकों को पुलिस ने छोड़ दिया। इसी के साथ उन दोनों को हिदायत दी कि हाई सिक्योरिटी जोन में बिना परमीशन के कोई भी ऐसा कार्य न करें। 

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