करीब 40 घंटे जिंदगी से जंग लड़ने के बाद उन्नाव गैंगरेप पीड़िता मौत की जंग हार गई। शुक्रवार रात करीब 11.40 बजे कार्डियक अरेस्ट के बाद सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। बीते गुरुवार यानी 5 दिसंबर को पीड़िता को जिंदा जलाया गया था, जिसमें वो 90% जल गई थी। 

उन्नाव (Uttar Pradesh). करीब 40 घंटे जिंदगी से जंग लड़ने के बाद उन्नाव गैंगरेप पीड़िता मौत की जंग हार गई। शुक्रवार रात करीब 11.40 बजे कार्डियक अरेस्ट के बाद सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। बीते गुरुवार यानी 5 दिसंबर को पीड़िता को जिंदा जलाया गया था, जिसमें वो 90% जल गई थी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। मौत से पहले वो सिर्फ एक ही बात कहती रही गुनहगारों को मत छोड़ना। वहीं, घटना पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आरोपियों को एक महीने में फांसी दी जाए। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मौत से पहले विक्टिम ने डॉक्टर से कही थी ये बात
सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया, इलाज के दौरान युवती को बीच बीच में होश आ रहा था। होश में आने पर वो पूछ रही थी, मैं बच तो जाऊंगी न? मैं जीना चाहती हूं। 

भाई से एक वादा ले गई पीड़िता
अस्पताल में मिलने आए भाई से वादा लेते हुए विक्टिम ने कहा था, मेरे गुनहगार बचने नहीं चाहिए। मुझे जलाने वाले पांच में से 2 आरोपी वही हैं जिन्होंने मेरे साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद वो कुछ बोल नहीं पाई।

क्या है पूरा मामला
मामला बिहार थाना क्षेत्र के हिंदूनगर का है। कुछ दिन पहले यहां युवती के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भी भेजा। हाल ही में वे जमानत पर जेल से बाह आए थे। मामले में गुरुवार को युवती मामले की पैरवी के लिए रायबरेली जा रही थी। रास्ते में सुबह करीब चार बजे दोनों नामजद आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।