यूपी बोर्ड ने पहली बार दो हेल्पलाइन नंबर और एक ट्विटर अकाउंट जारी किया है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5310 और 1800-180-5312 भी जारी किए गए हैं। नकल रोकने के लिए आंसर शीट चार कलर में तैयार कराई गई हैं। कई जिलों में सिलाई वाली आंसर शीट भी भेजी गई हैं। बोर्ड अधिकारी सोशल मीडिया पर नजर बनाए रखें हैं। 

प्रयागराज (Uttar Pradesh)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2020 की परीक्षाएं आजर से शुरू हो गई हैं। इस परीक्षा में प्रदेश भर के 56 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हैं। इस बार भी शासन व बोर्ड प्रशासन ने नकल रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए हैं। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी तथा प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा अराधना शुक्ला के साथ शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने लखनऊ के कई परीक्षा केंद्रों का दौरा भी किया। यूपी बोर्ड पहली बार परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी हाईटेक तरीके से होगी। बता दें कि यूपी बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर छह मार्च तक चलेंगी।

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पहली बार ये भी लागू की गई व्यवस्था 
यूपी बोर्ड ने पहली बार दो हेल्पलाइन नंबर और एक ट्विटर अकाउंट जारी किया है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5310 और 1800-180-5312 भी जारी किए गए हैं। नकल रोकने के लिए आंसर शीट चार कलर में तैयार कराई गई हैं। कई जिलों में सिलाई वाली आंसर शीट भी भेजी गई हैं। बोर्ड अधिकारी सोशल मीडिया पर नजर बनाए रखें हैं। 

इन केंद्रों पर विशेष नजर
395 अति संवेदनशील व 938 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर खास नजर रहेगी। ऐसे केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात हैं। हाईस्कूल की परीक्षा 12 दिन (तीन मार्च तक) तो इंटर की परीक्षा 15 दिन तक चलेगी। दोनों परीक्षाओं की अवधि इस बार घटी है, क्योंकि पिछले वर्षों में हाईस्कूल 14 दिन व इंटर की परीक्षा 16 दिन चलती रही हैं।

7786 परीक्षा केंद्र सुविधाओं से लैस
प्रदेश के सभी 7786 परीक्षा केंद्रों को सुविधाओं से लैस किया गया है। परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर, हाईस्पीड ब्राडबैंड व डीवीडी राउटर भी लगवाए गए हैं। 

सभी केंद्रों की हो रही ऑनलाइन मॉनिटरिंग 
सभी केंद्रों की इंटरनेट के माध्यम से वेब कॉस्टिंग के जरिए केंद्रों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। इसमें परीक्षा केंद्र की आइडी व पासवर्ड डालकर हर कमरे का हाल जाना जा सकता है। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय व जिला मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहीं से पल-पल से निगरानी होगी। इसमें संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र निशाने पर रहेंगे।