उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के निधन के बाद सोमवार को हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर बृजघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चेतन चौहान के बेटे विनायक ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी

हापुड़(Uttar Pradesh). उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के निधन के बाद सोमवार को हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर बृजघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चेतन चौहान के बेटे विनायक ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान चेतन चौहान के परिवार के सदस्य भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। बृजघाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का अंतिम संस्कार किया गया। अपने लोकप्रिय नेता को देखने के लिए अमरोहा जनपद के अलावा हापुड़ से बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता भी पहुंचे।

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गंगा किनारे चेतन चौहान का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में कोविड-19 के नियमों का भी पालन हुआ। जिसमें पीपीई किट पहने कोविड-19 टीम ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को पूरा किया। अपने लोकप्रिय नेता को खोने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दिखी। कोरोना वायरस से संक्रमित उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान को 11 जुलाई को कोरोना संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था। क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के पास सरकार में सैनिक कल्याण, होमगार्ड, पीआरडी और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय था।

9 साल तक टीम इंडिया के लिए खेले थे 40 टेस्ट मैच 
चेतन चौहान ने टीम इंडिया के लिए 1969 से 1978 के बीच 40 टेस्ट खेले थे। अमरोहा से चेतन चौहान दो बार भाजपा के सांसद रहे हैं। 1991 और 1998 के चुनाव में वह भाजपा के टिकट अमरोहा से सांसद बने थे। चेतन चौहान भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। चेतन चौहान अभी अमरोहा जिले की नौगांवा सादात विधानसभा के विधायक थे। बहरहाल, कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से यह यूपी कैबिनेट के दूसरे मंत्री की मौत है। इससे पहले कमला रानी वरुण की कोविड-19 की वजह से मौत हो चुकी है।