गुरुवार को लखनऊ के हुसैनगंज थाने से यूपी कांग्रेस के पदाधिकारियों से जुड़ा एक नया मामला सामने आया। जहां प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह समेत यूपी कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष, प्रशासन प्रभारी व महासचिंव के खिलाफ मारपीट व धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

लखनऊ: एक तरफ यूपी में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा संघर्ष करने में लगी हुई हैं। वहीं, उनकी अपनी टीम के लोग ही प्रियंका के संघर्ष पर पानी फेरने में लगे हुए हैं। ताजा मामला राजधानी लखनऊ से सामने आया। जहां गुरुवार को प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव सहित पार्टी के कुल चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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लखनऊ के हुसैनगंज थाना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व प्रशासन प्रभारी योगेश दीक्षित और महासचिव शिव पांडेय के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। लखनऊ के हुसैनगंज थाना में इन सभी के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। लखनऊ के प्रशांत कुमार सिंह ने इन सभी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आपको बता दें कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले बीते वर्ष मई में कोरोना संक्रमण काल में अन्य प्रदेश से लोगों को लाने के लिए कांग्रेस की ओर से दी गई एक हजार बसों की सूची में फर्जीवाड़ा होने के बाद संदीप सिंह के साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में हजरतगंज कोतवाली में परिवहन अधिकारी आरपी त्रिवेदी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा धारा 420, 467 और 468 के तहत दर्ज किया गया।


लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप था कि कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए दी गई सौ बसों की लिस्ट में शामिल कुछ वाहनों के नंबर दो पहिया, तिपहिया वाहनों तथा कारों के तौर पर दर्ज थे। जिन हजार बसों की सूची सौंपी गयी थी, उनमें 79 पूरी तरह से अनफिट थीं। 279 बसों का फिटनेस और बीमा संबंधी प्रपत्र एक्सपायर हो चुका था। सौ बसें ऐसी हैं, जिनके नम्बर एम्बुलेंस, तिपहिया वाहन, आटो रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहनों के नाम पर दर्ज थे। 70 बसों का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसके साथ ही संदीप सिंह की य़दि बात करें तो अगस्त 2019 में सोनभद्र में एक चैनल के रिपोर्टर के साथ मारपीट के मामले में भी चर्चा में थे। सोनभद्र नरसंहार के बाद प्रियंका गांधी घोरावन कोतवाली के उम्भा गांव गई थीं। इसी दौरान पत्रकार के प्रियंका से सवाल करने पर संदीप सिंह ने उसके साथ हाथापाई कर दी थी।