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UP ELECTION 2022: पीएम मोदी का झांसी दौरा, बुंदेलखंड की जमीन से कर सकते हैं बड़ा ऐलान

 19 नवम्बर से तीन दिवसीय दौरे पर यूपी आ रहे पीएम मोदी बीजेपी को दुबारा से सत्ता दिलाने की कवायत को तेज करेंगे। पूर्वांचल के बाद अब इसकी शुरुआत झांसी से होगी। आज झांसी पहुंचकर पीएम मोदी बुंदेलखंड की जनता को लेकर कई बड़े एलान तो कर ही सकते हैं। साथ ही अपने संसदीय क्षेत्र काशी को भी एक दौरे से लाभ पहुंचाने का काम करेंगे। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के दिन पीएम का झांसी दौरा बेहद खास बताया जा रहा है।

UP ELECTION 2022: PM Modi's visit to Jhansi, can make a big announcement from the land of Bundelkhand
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Lucknow, First Published Nov 19, 2021, 11:51 AM IST
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लखनऊ/ झांसी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव(assembly election 2022) की तारीख नजदीक आती जा रही है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(prime minister narendra modi) 19 नवम्बर से  पूर्वांचल के बाद अब बुंदेलखंड से यूपी चुनाव  के प्रचार(UP election campaign) की शुरुआत करने जा रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि तीन दिवसीय दौरे पर यूपी आ रहे पीएम मोदी(PM Modi) काशी से झांसी का रिश्ता जोड़कर बुंदेलखंड में भाजपा की सियासी जमीन को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई(Veerangana Maharani Laxmibai) की जयंती के दिन पीएम मोदी का झांसी दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। झांसी की जमीन से मोदी बुंदेलखंड की जनता के लिए आज कुछ बड़ी घोषणाएं भी कर सकते हैं।

रानी लक्ष्मीबाई को लेकर कर सकते है बड़ा ऐलान
देश में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर झांसी आ रहे पीएम मोदी आजादी की प्रथम दीपशिखा रानी लक्ष्मीबाई को लेकर भी कोई बड़ा एलान कर सकते हैं। चुनावी दृष्टिकोण से देश के सबसे महत्वपूर्ण सूबे उत्तर प्रदेश की सत्ता की चाबी फिर से भाजपा को दिलाने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठा लिया है। 

पूर्वांचल के बाद अब प्रधानमंत्री का फोकस बुंदेलखंड पर है। शुक्रवार को झांसी से काशी का रिश्ता जोड़कर वो बुंदेलखंड को साधेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जब-जब झांसी का दौरा हुआ, उन्होंने रानी की कर्मभूमि और बुंदेलखंड से खुद के बेहद लगाव होने की बात की। मगर इस बार उनका दौरा खास इसलिए है, क्योंकि आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। रानी लक्ष्मीबाई ने ही सबसे पहले स्वतंत्रता आंदोलन (freedom movement)का बिगुल फूंका था। 

झांसी से जोड़ेंगे काशी 
संसदीय क्षेत्र काशी रानी लक्ष्मीबाई  का जन्म स्थान रहा है, ऐसे में वह लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झांसी के साथ रिश्ता जोड़कर बुंदेलखंड को साध सकते हैं। साथ ही विपक्षी पार्टियों पर हमला करके भाजपा और उनकी सरकारों में कानून व्यवस्था के अंतर की लकीर खींचेंगे। बुंदेलखंड पेयजल योजना, डिफेंस कॉरिडोर, किसानों सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, सिंचाई परियोजनाओं, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक समेत स्वास्थ्य, ऊर्जा, रोजगार आदि क्षेत्रों में किए गए पार्टी के काम गिनाकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएंगे। 

रानी लक्ष्मीबाई के किले को हेरिटेज के तौर पर विकसित करने और यहां के पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कई बार बात हो चुकी है। भाजपा नेता से लेकर संघ तक इस पर जोर देता रहा है। ऐसे में पीएम के दौरे से फिर से आस जग गई है कि रानी के किले को संवारने के लिए बड़ा कदम उठाया जा सकता है। अभी भी किले में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ऐसे में काफी बदलाव नजर भी आ रहा है।
 

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