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यूपी के CBSE स्कूल में इस्लामिक कोर्स पर बवाल, हिंदू संगठनों ने लगाया धर्मांतरण की साजिश रचने का आरोप

स्कूल प्रबंधक मंसूर सिद्दीकी ने कहा कि हमने समर कैंप में मुस्लिम छात्रों को आकर्षित करने और उनमें राष्ट्रवादी मूल्यों को विकसित करने के लिए विषय को शामिल किया था। हमारा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने का कोई इरादा नहीं था।

UP English medium school organised summer camp for Islamic education, Hindu organisations want legal action DHA
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Muradabad, First Published Jul 4, 2021, 1:19 PM IST
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मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद के अंग्रेजी मीडियम स्कूल के समर कैंप में इस्लामिक शिक्षा के विज्ञापन ने बवाल कर दिया है। हिंदूवादी संगठनों ने स्कूल पर धर्मांतरण की साजिश रचने का आरोप लगाया है। हिंदू समूहों ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की है। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनके स्कूल में 90 प्रतिशत छात्र मुस्लिम हैं। उनके लिए ही यह कैंप आयोजित किया गया था। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका मकसद नहीं। स्कूल प्रबंधन ने फिलहाल कैंप का आयोजन रद्द कर दिया है। 

समर कैंप में ऑनलाइन इस्लामी शिक्षा का सेशन रखा था स्कूल ने

दिल्ली पब्लिक ग्लोबल स्कूल, जो मुरादाबाद स्थित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है, ने 8-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए ऑनलाइन इस्लामी शिक्षा प्रदान करने के लिए ग्रीष्मकालीन शिविर के लिए विज्ञापन दिया था। इसके लिए स्कूल ने एक वेबसाइट भी बनाई है।
स्कूल द्वारा जारी विज्ञापन में कहा गया है कि दो दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर में ‘व्यक्तिगत जीवन में इस्लामी मूल्यों को अपनाना’ विषय पर शिक्षा दी जाएगी। काबा की तस्वीर वाले इस विज्ञान में बताया गया है कि शिविर में ‘इस्लाम क्या है?, कुरान को कैसे समझें? और एक मुस्लिम की जिम्मेदारी’ जैसे विषयों को पढ़ाया जाएगा। 

विज्ञापन वायरल होते ही हिंदूवादी संगठन हुए मुखर

विहिप और एबीवीपी के नेतृत्व वाले हिंदू समूहों ने इसके प्रबंधन पर अंग्रेजी माध्यम के स्कूल के इस्लामीकरण की साजिश की गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी आपत्ति व्यक्त की है। 
एबीवीपी के सचिन सिंह ने कहा- अन्य धर्मों से आने वाले बच्चों के लिए इस प्रकार की धार्मिक शिक्षा उनकी मानसिकता को बदलने और उन्हें इस्लाम में परिवर्तित करने की साजिश है। विहिप ने स्कूल के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान शुरू करने की भी धमकी दी है।

स्कूल प्रबंधन ने रद्द किया कैंप

स्कूल के प्रबंधन ने बताया कि उनके स्कूल में 90 प्रतिशत से अधिक छात्र मुस्लिम परिवारों से आते हैं। उनके लिए इस कैंप का आयोजन किया गया है। 
स्कूल प्रबंधक मंसूर सिद्दीकी ने कहा कि हमने समर कैंप में मुस्लिम छात्रों को आकर्षित करने और उनमें राष्ट्रवादी मूल्यों को विकसित करने के लिए विषय को शामिल किया था। हमारा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने का कोई इरादा नहीं था। स्कूल ने 3 और 4 जुलाई को होने वाले ऑनलाइन समर कैंप को भी औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है।

हिंदूवादी संगठन कर रहे कार्रवाई की मांग

हिंदू समूह कैंप रद्द किए जाने या स्कूल प्रबंधन की सफाई से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। इन लोगों ने डीएम से शिकायत करते हुए स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की है। 

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