मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए है कि गुरुवार को सभी सरकार विभागों में कर्मचारियों की लेटलतीफी और व्यवस्था के साथ-साथ सफाई का निरीक्षण करें। जिसके लिए यूपी के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने बुधवार यानी 30 मार्च को ही निरीक्षण करने के आदेश दे दिए थे। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपने दूसरे कार्यकाल में सीएम योगी आदित्यननाथ पिछली सरकार के मुकाबले इस कार्यकाल को बेहतर करने के प्रयास में लगे हुए है। यूपी में सभी सरकार विभागों में अफसरों की लेटलतीफी और व्यवस्था आदि पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए है कि गुरुवार को सभी विभागों में निरीक्षण करें। राज्य के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने बुधवार को ही सभी विभाग प्रमुखों को अपने विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति एवं व्यवस्थागत हालात का निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए थे।

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राज्य के सभी प्रमुख विभागों को जारी हुए निर्देश
यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बुधवार की देर शाम आदेश जारी किया की सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों और सचिवों को कल प्रात: यानी गुरुवार को अपने-अपने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का औचक निरीक्षण करें। कार्यालय में कर्मिकों की उपस्थिति, निस्तारण की स्थिति, समयबध्दता के साथ-साथ स्वच्छता पर भी जोर दिया है। सीएम योगी ने इससे पहले वाले कार्यकाल में भी स्वच्छ भारत अभियान पर जोर दिया था। इस अभियान के माध्यम से उन्होंने पूरे राज्य में सफाई पर जोर दिया था। एक बार फिर योगी 2.0 ने कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ-साथ सफाई पर जोर देने जा रही है।

अफसरों और कर्मचारियों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि साफ सफाई नहीं होने तथा समय पर दफ्तर न आने वाले अफसरों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के लिए कहा गया है। योगी सरकार अब पिछले कार्यकाल से पहले भी काम में तेजी दिखा रही है। क्योंकि सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि इस बार मुकाबला किसी पार्टी से नहीं बल्कि खुद से है। पिछले कार्यकाल से बेहतर भी इन पांच सालों में काम करना है ताकि जनता का विश्वास ऐसे ही बना रहे।

मंत्रियों को अब कैबिनेट के समक्ष खुद करनी होगी प्रस्तुती
साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अफसर और मंत्रियों दोनों को निर्देश दिए है कि कैबिनेट के समक्ष विभागीय प्रस्तुतियां संबंधित मंत्री द्वारा ही की जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कैबिनेट के सामने प्रस्तुतीकरण मंत्रियों को ही करना होगा, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव सिर्फ सहयोग के लिए उपस्थित रहेंगे। दरअसल, कई मंत्री अब तक पूरी तरह अधिकारियों पर आश्रित रहे हैं। कैबिनेट में चर्चा के लिए कोई प्रस्ताव जाने पर मंत्री उसे नहीं समझा पाते थे, तब अधिकारी सब समझाते थे। 

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