उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक गांव ऐसा भी है, जो 24 घंटे सीसीटीवी (CCTV Camera) की निगरानी में रहता है। इस पर ग्राम प्रधान नजर रखते हैं। गांव वालों का कहना है कि पहले गांव रोज भैंसें चोरी होती थीं। इसलिए प्रधान ने चोरों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाने का फैसला लिया।

मेरठ। यूपी के मेरठ (Meerut) में कुढ़ला गांव। यहां रोज रात में भैंसें चोरी हो जाती थीं। ऐसे में गांव वालों के बीच आये-दिन विवाद होने लगे। इसे रोकने के लिए गांव के प्रधान ने पूरे गांव में सीसीटीवी कैमरे (CCTV Camera) लगवा दिए। अब गांव के सभी प्रमुख रास्तों पर 24 घंटे निगरानी के लिए नाइट विजन के 40 कैमरे लगवाए गए हैं। 

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दरअसल, ये गांव हापुड़ रोड स्थित मीट फैक्ट्री से 2 किमी दूर है। यहां 2500 की आबादी है। मेरठ जिले में ये पहला ऐसा गांव होगा, जो 24 घंटे सीसीटीवी सर्विलांस में रहेगा। हर चौराहे पर कंट्रोल रूम बनाया गया। हार्ड डिस्क चोरी से बचाने का भी उपाय किया। यहां एक चौराहे के पास के घर में कंट्रोम रूम बनाया गया है। विशेष लॉकर में हार्ड रिस्क को रखा गया है। इसकी एक चाबी प्रधान और एक हार्ड डिस्क वाले घर पर रहेगी। गांव वाले बताते हैं कि कंट्रोल रूम भी उन्हीं घरों में बना है, जहां 24 घंटे पावर बैकअप की सुविधा है। यानी वहां एसी या डीसी माध्यम से बिजली रहती है। अब गांव में होने वाली हर घटना इन कैमरों में रिकॉर्ड रहती है।

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गांववालों ने चुना है युवा प्रधान
इस गांव ने युवा प्रधान अजहर अहमद (28 साल) को चुनाव है। वे हापुड़ अड्डे पर व्यापार करते हैं। अजहर ने इन कैमरों को लगवाने की वजह भी बताई। वे बताते हैं कि गांव में प्रधानी को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस बार गांव वालों के कहने पर उन्होंने प्रधानी का चुनाव लड़ा और बड़े अंतर से जीत मिली। गांव में 1823 की वोटिंग में से 1500 वोट पड़े। इसमें 923 वोट अजहर को मिले और वे जीत गए।

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हर रोज हो रही थी भैंस चोरी, इसलिए समस्या का समाधान किया
अजहर कहते हैं कि गांव में हर रोज गांव में किसी ना किसी घर से भैंस चोरी हो रही थी। लोग परेशान थे। आए-दिन गांव वालों की शिकायतें आती थीं। विवाद बढ़ने लगे थे। चूंकि, अब एक भैंस की कीमत लाखों रुपए में हैं। ऐसे में उन्होंने निगरानी के लिए पूरे गांव को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने फैसला लिया। गांव के सभी रास्ते, चौराहे और प्रमुख स्थानों को चिह्नित किया और 40 सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इसमें डेढ़ लाख रुपए खर्च हुए। अब 24 घंटे की सभी गतिविधियां रिकॉर्ड होती हैं। गांव की हर घटना कैमरे में रिकॉर्ड होती है। इससे चोर पकड़ने और आरोपियों को पहचाने में भी मदद मिलेगी।