आरोपी राय अनूप प्रसाद और परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय की मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ है। बताया जा रहा है, 23 अक्टूबर 2021 को नोएडा के एक होटल में दोनों की मुलाकात हुई थी। 26 अक्टूबर 2021 को राय अनूप प्रसाद की कंपनी को पेपर छापने का ठेका मिला था।

लखनऊ: UPTET पेपर लीक मामले के आरोपी राय अनूप प्रसाद और परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय (Sanjay Upadhyay) की मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज वायरल (CCTV Video Viral) हुआ है। बताया जा रहा है, 23 अक्टूबर 2021 को नोएडा (Noida) के एक होटल में दोनों की मुलाकात हुई थी। 26 अक्टूबर 2021 को राय अनूप प्रसाद (Anup Prasad) की कंपनी को पेपर छापने का ठेका मिला था। सीसीटीवी फुटेज तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें कि 28 नवंबर को होने वाला यह एग्‍जाम पेपर लीक होने की खबरों के बाद रद्द कर दिया गया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

साजिश के तहत दिलाया गया पेपर प्रिंट का ठेका

एसटीएफ की जांच के मुताबिक, 26 अक्टूबर को आरएसएम फिनसर्व नाम की कंपनी को पेपर प्रिंट कराने का ठेका दिया गया या फिर दिलाया गया। जिसके पास सुरक्षित तरीके से पेपर छापने का इंतजाम तक नहीं था। साजिश रचने वालों को ये मालूम था कि फिनसर्व के पास सुरक्षित तरीके से पेपर छापने का इंतजाम नहीं है और ये पेपर कुछ छोटी और असुरक्षित प्रेस में छपेंगे। पेपर लीक कराने वाले सिंडिकेट से जुड़े लोग ऐसी छोटी और असुरक्षित प्रेसों पर मौजूद थे। पेपर इन प्रेसों में छपा और यहीं से पेपर बेचने वालों के हाथ लग गया।

UP-TET Paper Leak: राय अनूप प्रसाद का गोरखपुर से पुराना नाता, इस एंगल पर भी STF कर रही जांच

जांच में साफ हो गया है कि पेपर छापने का ठेका मिलने से पहले ही संजय उपाध्याय और राय अनूप प्रसाद की एक मीटिंग नोएडा के एक नामी होटल में हुई थी। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में ही पेपर आउट कराने की साज़िश रची गई। इस मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है। यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश का कहना है कि अबतक की जांच में प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक होने की पुष्टि हो रही है। बताते चलें कि रविवार को UPTET की परीक्षा होने से कई घंटे पहले पेपर आउट हो गया था। करीब 20 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे, लेकिन पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने की वजह से सरकार को अचानक पेपर कैंसिल करना पड़ा