वीआरएस की अर्जी मंजूर होने के बाद राजेश्‍वर सिंह ने एक सार्वजनिक पत्र जारी कर भाजपा से अपने लगाव का जिक्र भी किया है। इस पत्र में उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की तारीफ करते हुए लिखा कि भारत को शक्तिशाली और विश्‍व गुरु बनाने में इन्‍होंने महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। 

लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर राजेश्‍वर सिंह (Rajeshwar Singh) ने भी सियासी राह चुन ली है। उनका इस्‍तीफा मंजूर कर लिया गया है। उन्‍होंने स्‍वैच्छिक सेवानिवृति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया था जिसे मंजूर कर लिया गया है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्‍हें यूपी विधानसभा चुनाव में सुल्‍तानपुर सीट से उतारे जाने की भी चर्चा है। गौरतलब है कि इसके पहले कानपुर के पुलिस कमिश्‍नर रहे आईपीएस असीम अरुण (Asim Arun) भी अपने पद से इस्‍तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

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वीआरएस की अर्जी मंजूर होने के बाद राजेश्‍वर सिंह ने एक सार्वजनिक पत्र जारी कर भाजपा से अपने लगाव का जिक्र भी किया है। इस पत्र में उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की तारीफ करते हुए लिखा कि भारत को शक्तिशाली और विश्‍व गुरु बनाने में इन्‍होंने महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। 

पुलिस अधिकारी के तौर पर राजेश्‍वर सिंह का कार्यकाल
राजेश्‍वर सिंह 10 साल तक उत्‍तर प्रदेश पुलिस और 14 साल तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में कार्यरत रहे हैं। ईडी में अपने कार्यकाल के दौरान उन्‍होंने 2-जी स्पैक्ट्रम आवंटन घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील, एयरसेल मैक्सिस घोटाला, आम्रपाली घोटाला, नोएडा पोंजी स्कीम घोटाला और गोमती रिवरफ्रंट घोटाला जैसे कई हाईप्रोफाइल मामलों की जांच की है। राजेश्‍वर सिंह 1996 बैच के पीपीएस अधिकारी हैं। लखनऊ में डिप्टी एसपी के पद पर तैनाती के दौरान उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहा जाता था। 2009 में वह प्रतिनियुक्ति पर ईडी में चले गए थे।