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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत, फंदे से लटकता मिला शव..सुसाइड नोट में शिष्य का नाम

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का संदिग्‍ध हालात में सोमवार निधन हो गया। उनका शव प्रयागराज के उनके ही बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से लटकता मिला है। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पुलिस-प्रशासन पहुंच गया है। 

Uttar Pradesh Mahant Narendra Giri found dead in mysterious conditions in Prayagraj
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Prayagraj, First Published Sep 20, 2021, 7:38 PM IST
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प्रयागराज (उत्तर प्रदेश). अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri Death) का संदिग्‍ध हालात में सोमवार को निधन हो गया। उनका शव प्रयागराज के उनके ही बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से लटकता मिला है। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पुलिस-प्रशासन पहुंच गया है। शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। मंहत के कमरे से 6 से 7 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है।

हत्या या आत्महत्या यह बता पाना मुश्किल
महंत नरेंद्र गिरी की हत्या है या फिर आत्महत्या यह फिलहाल पता नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि  पोस्टमार्टम के बाद ही घटना का कारण साफ हो पाएगा। फारेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है। फिलहाल यह फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला लग रहा है। लेकिन कुछ कह पाना अभी ठीक नहीं है। जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

पूरे इलाके को किया सील..भारी पुलिस बल तैनात
बता दें कि महंत की मौत के बाद संत समाज में हड़कंप मच गया है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।  पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और किसी को भी बारंबरी मठ में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

सुसाइड नोट में लिखी मरने की वजह
मामले की जांच कर रहे एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया के महंत का जिस कमरे में शव मिला है उसका दरवाजा बंद था। पुलिस ने गेट तोड़कर शव को निकाला है। साथ मौके से एक 6 से 7 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। वहीं शुरूआती जांच में सल्फास खाने की बात भी आ रही है। सुसाइड नोट को उन्होंने वसीयतनामा की तरह लिखा है, इसमें शिष्य आनंद गिरि का भी जिक्र है। उसमें उन्होंने क्लियर तरीके से लिखा हुआ कि है कि वह शिष्यों के व्यवहार से बहुत ही दुखी हैं। इसलिए में अपना जीवन समाप्त कर हा हूं।

मंहत का अपने शिष्य से चल रहा था विवाद
बता दें कि महंत नरेंद्र गिरी का अपने एक शिष्य आनंद गिरी से कुछ समय से विवाद चल रहा था। हालांकि इस विवाद की कुछ दिन पहले ही सुलह हुई थी।  शिष्य ने उनसे माफी मांगी ली थी और उन्होंने माफ भी कर दिया था।

सीएम योगी ने मंहत के निधन पर जताया दुख
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

सामने आया मंहत का एक दिन पहले का वीडियो
मंहत के एक दिन पहले का वीडियो सामने आया है। जिसे यूपी के बीजेपी नेता और पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शेयर किया है। साथ ही सोशल मीडिया पर त्रिपाठी ने लिखा- ये 1 दिन पहले का वीडियो है,जो एक साथी ने रिकॉर्ड करके मुझे भेज दिया था,लगभग 1 घंटे तक बहुत सकारात्मक संवाद हुआ था। समाज के लिए महंत नरेंद्र गिरि जी के मन में गहरी पीड़ा थी। अभी अचानक ही उनके देहावसान का समाचार सुनकर स्तब्ध हूं,भगवान हनुमान जी उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।
 

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