कारोबारी मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत मामले में रविवार को कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दो आरोपी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक-एक लाख का इनाम था।

गोरखपुर : उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर (gorakhpur) में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या (Manish Gupta Case) मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से एक पुलिसकर्मी घटना के समय SI के पद पर तैनात था, जबकि दूसरा इंस्पेक्टर था। दोनों पुलिसकर्मियों को कानपुर SIT के हवाले कर दिया गया है।

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एक-एक लाख का था इनाम
जानकारी के मुताबिक, मनीष गुप्ता हत्या मामले में दोनों पुलिसकर्मियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तार किए गए एक आरोपी का नाम जेएन सिंह और दूसरे का नाम अक्षय मिश्रा है। दोनों की गिरफ्तारी गोरखपुर पुलिस ने की है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मामले ने सियासी तूल पकड़ा
इस मामले ने सियासी तूल भी पकड़ा। विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला बोला था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी और अन्य परिजनों से मुलाकात की थी। बाद में सरकार ने मामले की CBI जांच की सिफारिश कर दी थी। हालांकि, केस को CBI ने अब तक टेकओवर नहीं किया है। इसकी वजह से SIT पूरे मामले की जांच रही है।

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यह है पूरा मामला...
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता और गुरुग्राम के उनके दो दोस्त हरवीर और प्रदीप 27 सितंबर को गोरखपुर आए थे। ये तीनों युवक तारामंडल इलाके में होटल कृष्णा पैलेस में ठहरे। रात 12 बजे पुलिस यहां चेकिंग करने के लिए पहुंची। कमरे की तलाशी ली गई। इस पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिस से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि पुलिस वालों ने पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने नशे में गिरने से मौत बताया। बाद में मामला बढ़ा तो केस दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर और शरीर पर चोट के निशान मिले। पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।

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