तीन बहनों का एक ही दूल्हे से विवाह! रील्स का स्टंट या कोई गहरा राज? कानून की बंदिशों के बीच छिड़ा एक ऐसा पारिवारिक महासंग्राम, जिसने सबको चौंका दिया। जानिए आखिर इस अजीबोगरीब शादी का सच क्या है और हिंदू कानून क्या कहता है?
अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है बल्कि कानून के जानकारों को भी हैरत में डाल दिया है। एक ही मंडप, एक ही दूल्हा और तीन दुल्हनें! अमरोहा के एक प्राचीन मंदिर में तीन महिलाओं द्वारा एक ही युवक से पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी करने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पहले सिंदूरदान और फिर पवित्र अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेते इस अनोखे विवाह ने समाज और इंटरनेट को दो धड़ों में बांट दिया है। लेकिन क्या यह शादी वाकई एक पवित्र बंधन है या फिर कानूनी पचड़े में फंसने वाला कोई नया रील्स का स्टंट?
कैमरामैन बना दूल्हा: रील्स की ऑन-स्क्रीन लव स्टोरी कैसे बदली हकीकत में?
इस हैरान कर देने वाले मामले के मुख्य किरदारों की पहचान अमरोहा के धोरिया गांव की रहने वाली सरोज, सावित्री और संतोष के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें से दो सगी बहनें हैं और तीसरी उनकी कज़िन है। वहीं, इन तीनों का दिल जीतने वाला दूल्हा कोई और नहीं बल्कि विकास (उर्फ विक्कू) है। विकास पिछले छह महीनों से इन बहनों के सोशल मीडिया वीडियो के लिए कैमरामैन का काम कर रहा था और अक्सर उनके कंटेंट में 'ऑन-स्क्रीन पति' का किरदार निभाता था। शुरुआत में नेटिज़न्स को लगा कि यह सब केवल इंस्टाग्राम रील्स पर व्यूज बटोरने के लिए किया गया नाटक है। लेकिन सस्पेंस तब और गहरा गया जब चारों ने एक साथ कैमरे के सामने आकर कसम खाई कि यह शादी कोई रील नहीं, बल्कि 100% असली है।
'जुदा हुए तो जान दे देंगे': अलग न होने की जिद ने उठाया यह खौफनाक कदम
आखिर इन तीन पढ़ी-लिखी युवतियों (जिनमें से सरोज बीटेक कर रही है और बाकी दोनों 12वीं पास हैं) ने एक ही आदमी को अपना जीवनसाथी क्यों चुना? इसके पीछे की कहानी बेहद भावुक और चौंकाने वाली है। बहनों का कहना है कि वे बचपन से एक साथ पली-बढ़ी हैं और कभी एक-दूसरे से अलग होने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं। जब उनके परिवारों ने उनके लिए अलग-अलग लड़के ढूंढकर शादी की तैयारियां शुरू कीं, तो वे गहरे तनाव में आ गईं। बहनों में से एक ने कैमरे पर खुलासा किया, "जब हमें लगा कि शादियां हमें अलग कर देंगी, तो हमने सामूहिक रूप से अपनी जान देने की भी सोच ली थी। लेकिन फिर हमने तय किया कि मरने के बजाय हम साथ जिएंगे और एक ही आदमी से शादी करेंगे।" बालिग युवतियों के इस अनोखे प्रस्ताव को विकास ने भी उनकी अटूट बॉन्डिंग देखकर स्वीकार कर लिया।
आखिर एक ही युवक से शादी करने का फैसला क्यों लिया?
तीनों महिलाओं का कहना है कि वे बचपन से साथ पली-बढ़ी हैं और शादी के बाद अलग-अलग घरों में जाने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं। उनके मुताबिक, जब परिवार अलग-अलग जगह शादी कराने की तैयारी करने लगा तो वे मानसिक रूप से परेशान हो गईं। उन्होंने दावा किया कि पहले उन्होंने आत्महत्या तक का विचार किया, लेकिन बाद में साथ रहने का दूसरा रास्ता चुना और आपसी सहमति से एक ही युवक से विवाह करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि सभी बालिग हैं और यह फैसला पूरी तरह उनकी इच्छा से लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से अपील भी की कि उन्हें ट्रोल न किया जाए।
पुजारी गायब, मरम्मत का बहाना: मंदिर प्रशासन ने क्यों जताई अनभिज्ञता?
जैसे ही यह वीडियो हसनपुर के प्रसिद्ध मां चामुंडा मंदिर का बताकर फैला, हड़कंप मच गया। दक्षिणपंथी और हिंदू संगठनों ने पवित्र धार्मिक रीति-रिवाजों के इस तरह इस्तेमाल पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विवाद बढ़ता देख मंदिर प्रशासन तुरंत बैकफुट पर आ गया। अधिकारियों ने इस शादी की किसी भी जानकारी से साफ इनकार करते हुए दावा किया कि जिस वक्त यह वीडियो चोरी-छिपे शूट किया गया, उस समय परिसर में सौंदर्यीकरण और मरम्मत का काम चल रहा था। वहां न तो कोई पुजारी मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस अनधिकृत रस्म के बारे में भनक तक नहीं लगी।
राजा दशरथ का हवाला बनाम हिंदू कानून: क्या जेल जाएगा दूल्हा?
आलोचनाओं से घिरी इन बहनों ने समाज को चुप कराने के लिए एक नया वीडियो जारी कर पौराणिक इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने तीखा सवाल पूछा, "प्राचीन काल में राजा दशरथ की भी तो तीन रानियां थीं, क्या तब उसे अपमान माना गया था?" भले ही पौराणिक कथाएं कुछ भी कहें, लेकिन भारत का संविधान इस पर बेहद सख्त है। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत बहुविवाह पूरी तरह गैरकानूनी है। अधिनियम की धारा 5 स्पष्ट कहती है कि पहली पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरी (या तीसरी) शादी कानूनी रूप से पूरी तरह अमान्य और शून्य होगी। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82 (जो पहले IPC की धारा 494 थी) के तहत एक से अधिक शादी करने पर दूल्हे विकास के खिलाफ द्विविवाह का गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है, जिसमें जेल की सजा का प्रावधान है। अब देखना यह है कि आपसी सहमति का यह दावा कानून की कसौटी पर कितना टिक पाता है।
सोशल मीडिया पर क्यों मच गया बवाल?
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया। एक वर्ग ने इसे सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया, जबकि दूसरे वर्ग का कहना है कि यदि सभी संबंधित व्यक्ति बालिग हैं और अपनी मर्जी से फैसला ले रहे हैं तो उन्हें अपने निजी जीवन का निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए। आलोचनाओं के बीच तीनों महिलाओं ने एक और वीडियो जारी किया। उसमें उन्होंने हिंदू पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि प्राचीन काल में राजा दशरथ की तीन रानियां थीं और सवाल किया कि तब उसे गलत क्यों नहीं माना गया।


