अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने F-1 और J-1 वीज़ा वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 15 सितंबर से पहले देश लौटने की चेतावनी दी है. यूनिवर्सिटी ने बताया है कि कोविड के दौरान वीज़ा नियमों में दी गई छूट अब खत्म हो रही है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

अमेरिका की मशहूर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है. यूनिवर्सिटी ने F-1 और J-1 वीज़ा पर पढ़ रहे छात्रों को 15 सितंबर तक हर हाल में अमेरिका वापस आने को कहा है. इस चेतावनी के पीछे की वजह वीज़ा से जुड़े एक पुराने नियम का फिर से लागू होना है, जिसे कोरोना महामारी के दौरान अस्थायी रूप से रोक दिया गया था.

यह मामला अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विज़िटर प्रोग्राम (SEVP) से जुड़ा है. यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि जो छात्र इस डेडलाइन का पालन नहीं करेंगे, उनके वीज़ा स्टेटस पर गंभीर असर पड़ सकता है.

क्या है ये 'पांच महीने वाला' नियम?

वीज़ा से जुड़ा यह नियम 'पांच महीने के नियम' (five-month rule) के नाम से जाना जाता है. इस नियम के मुताबिक, अगर कोई F-1 या J-1 वीज़ा धारक छात्र लगातार पांच महीने से ज़्यादा अमेरिका से बाहर रहता है, तो उसका वीज़ा स्टेटस अपने आप खत्म माना जा सकता है. कोरोना महामारी के चलते छात्रों की सुविधा के लिए इस नियम पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब यह रोक हटाई जा रही है.

हार्वर्ड के ऑफिस फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स एंड स्कॉलर्स (HIO) ने इस बारे में सभी संबंधित छात्रों को एक ईमेल भेजा है. ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो छात्र अमेरिका से बाहर हैं और किसी हार्वर्ड-अप्रूव्ड एकेडमिक प्रोग्राम का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें 15 सितंबर से पहले अमेरिका में एंट्री करनी होगी.

अगर नहीं लौटे तो क्या होगा?

यूनिवर्सिटी ने चेताया है कि अगर छात्र समय पर वापस नहीं आते हैं, तो उनका SEVIS रिकॉर्ड टर्मिनेट यानी खत्म किया जा सकता है. SEVIS रिकॉर्ड खत्म होने का सीधा मतलब है कि छात्र का F-1 या J-1 वीज़ा अब वैध नहीं रहेगा और उन्हें पढ़ाई जारी रखने में मुश्किल होगी.

ऐसे छात्रों को अगर दोबारा अमेरिका आना है, तो उन्हें पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी होगी. इसके लिए उन्हें यूनिवर्सिटी से एक नया I-20 या DS-2019 फॉर्म लेना होगा और फिर एक नए वीज़ा के लिए आवेदन करना पड़ेगा. यानी छात्रों के लिए अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है.

हार्वर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बहुत सावधानी से बनाएं, ताकि उनकी पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट न आए और वीज़ा संबंधी दिक्कतों से बचा जा सके.