अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार हो गया है। यह बढ़ते सैन्य खर्च, महंगी योजनाओं और टैक्स छूट का नतीजा है। अब नए कर्ज का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में ही खर्च हो रहा है।
US Debt News: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज इतिहास में पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर (करीब 3840 लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि देश की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। दशकों से लगातार कर्ज लेने की वजह से अमेरिका आज इस स्थिति में पहुंचा है। सेना पर बढ़ता खर्च, महंगी सोशल सिक्योरिटी योजनाएं और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में दी गई टैक्स छूट ने इस कर्ज के बोझ को और बढ़ा दिया है।
कर्ज का पैसा जा कहां रहा है?
अकेले 2026 में ही अमेरिकी सरकार 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज लेने वाली है। इसकी मुख्य वजह ईरान में चल रहे युद्ध का खर्च और 2025 में रिपब्लिकन पार्टी द्वारा पास की गई टैक्स में भारी कटौती है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस साल अमेरिका जो कर्ज ले रहा है, उसका आधा पैसा किसी नई योजना पर नहीं, बल्कि पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने पर खर्च हो रहा है। ब्याज का यह बढ़ता बोझ अमेरिका को एक बड़े आर्थिक गड्ढे की ओर धकेल रहा है।
फेल हुए प्लान और मस्क की नाकामी
खर्च घटाने के लिए ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल की बड़ी योजनाएं भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाईं। शुरुआत में एलन मस्क के नेतृत्व वाले 'डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' ने सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर बचाने का वादा किया था। लेकिन यह डिपार्टमेंट सिर्फ 200 बिलियन डॉलर ही बचा सका। इतना ही नहीं, इस महीने गवर्नमेंट अकाउंटैबिलिटी ऑफिस (GAO) ने इन आंकड़ों पर ही सवाल उठा दिए। GAO का कहना है कि ये आंकड़े भरोसेमंद नहीं हैं और इनमें पारदर्शिता की कमी है।
