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विकास दुबे एनकाउंटर में UP पुलिस को मिली क्लीन चिट, जानिए गैंगेस्टर की मौत पर क्यों उठ थे सवाल?

विकास दुबे की मौत के बाद कानपुर पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे थे कि पुलिस ने फेक एनकाउंटर किया है। इस मामले में 6 याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में लगाई गईं। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट  ने 19 अगस्त को जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बीएस चौहान की अगुआई में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। 

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Kanpur, First Published Apr 21, 2021, 2:25 PM IST
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कानपुर (उत्तर प्रदेश). बिकरू कांड के मास्टरमाइंड और  गैंगेस्टर विकास दुबे एनकाउंटर केस में उत्तर प्रदेश पुलिस को राहत भरी खबर मिली है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की गठित कमेटी ने बुधवार को सबूत नहीं मिलने के आधार पर यूपी के पुलिसकर्मयों को क्लीनचिट दी है।

8 महीनों की जांच के बाद मिली क्लीन चिट
दरअसल, विकास दुबे की मौत के बाद कानपुर पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे थे कि पुलिस ने फेक एनकाउंटर किया है। इस मामले में 6 याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में लगाई गईं। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट  ने 19 अगस्त को जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बीएस चौहान की अगुआई में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। इस कमेटी में पूर्व DGP केएल गुप्ता और हाईकोर्ट के पूर्व जज शशिकांत अग्रवाल भी थे। अब 8 महीनों की जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पुलिसकर्मयों के खिलाफ कोई सबूत नही मिले हैं। जिसके आधार पर पुलिस को यह क्लीनचिट दे दी गई है।

इस वजह से पुलिस पर उठे सवाल
बता दें कि पिछली साल दो जुलाई को बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके साथियों ने कानपुर के सीओ समेत 8 पुलिसर्मियों की गोली मार हत्या कर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने बिकरू शूटआउट केस में विकास बुबे के चाचा प्रेम प्रकाश पांडे और अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया। इसके बाद 8 जुलाई को विकास का राइट हैंड और शार्प शूटर अमर दुबे हमीरपुर को भी पुलिस ने मार गिराया। इन सभी केस में पुलिस ने बताया कि सभी लोगों ने पुलिसकर्मयों को मारने की कोशिश की जिससे बचाव में यह एनकाउंटर करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने विकास के तीन और साथियों को मार गिराया। लेकिन मुख्य आरोपी विकास अभी भी फरार था।

ऐसे हुई थी गैंगेस्टर विकास दुबे की मौत
पुलिस की काफी सर्चिंग के बाद  मुख्य आरोपी विकास दुबे का पता चला कि आरोपी मध्यप्रदेश के उज्जैन में शरण लिया हुआ है। जिसके बाद प्लानिंग के मुताबिक, उसे उज्जैन से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद यूपी पुलिस उसे सड़क मार्ग से लेकर कानपुर आ रही थी। इसी दौरान उसकी  पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। पुलिस ने कहा कि कानपुर की सीमा में आते ही तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते वह गाड़ी पलट गई जिसमें विकास दुबे बैठा हुआ था। इसके बाद वह पुलिसकर्मियों से गन छीनकर भागने का प्रयास करने लगा और गोलीबारी करने लगा। पुलिस ने अपनी रक्षा के लिए गोली चलाई और विकास दुबे मारा गया।

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