'इस देश का न मजदूर सुरक्षित है, न मल्लाह निरक्षित है, न दलित सुरक्षित, न गरीब सुरक्षित है, न महिला सुरक्षित है, इस देश में सिर्फ प्रधानमंत्री, उनके मंत्री, उनकी पार्टी के लोग, जो सत्ता में हैं और उनके खरबपति दोस्त सुरक्षित हैं।'

वाराणसी : मिशन चुनाव के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (narendra modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (varanasi) पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka gandhi) ने एक-एक कर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उनके निशाने पर सीधे पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ रहे। प्रियंका गांधी की बड़ी बातें..

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इस देश में पीएम और उनके दोस्त सुरक्षित
प्रियंका ने आगे कहा, समझ लीजिए जब-जब मैं बात करती हूं लोगों से, एक बात उभरती है कि यहां कुछ हो नहीं रहा है। कमाई नहीं है, रोजगार नहीं है, किसान त्रस्त है, नदियों के पास रहने वाला निषाद त्रस्त है, महिला त्रस्त है, दलित त्रस्त है, लेकिन सब पूछते हैं कि दीदी मीडिया में आता है कि सब सुरक्षित हैं। लेकिन इस देश में दो लोग ही सुरक्षित हैं। एक जो भाजपा के साथ जुड़ा है और दूसरे उनके खरबपति मित्र।

इस देश को कौन बचाएगा? 
प्रियंका ने कहा, ये देश भ्रष्ट हो रहा है। जितने भी इश्तेहार, होर्डिंग लग रहे हैं, इनके पीछे जो सच्चाई है, आप जानते हैं। आप जी रहे हैं। आप बताइए आपको फसल का दाम मिलता है। गैस सिलेंडर मिलता है। आपके बच्चों को रोजगार मिलता है। तो सच्चाई क्या है और इस सच्चाई को बोलने से लोग डर क्यों रहे हैं। किस चीज से भय है, क्या हो जाएगा? समय आ गया है, चुनाव की बात नहीं है, अब देश की बात है। ये देश भाजपा के पदाधिकारियों, मंत्रियों, प्रधानमंत्री की जागीर नहीं है, ये देश आपका है। इस देश को कौन बचाएगा? कौन बचाएगा इस देश को?

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जब तक इस्तीफा नहीं, हम डटे रहेंगे
प्रियंका गांधी ने कहा, अगर आप जागरूक नहीं बनेंगे तो आप इनकी राजनीति में उलझे रहेंगे, फि न तो आप अपने आप को बचा पाएंगे और न देश को। आप किसान हो, इस देश की आत्मा हो। मंच पर जितने भी नेता बैठे हैं, आपने बनाया है उन्हें। जो आपको आंदोलनकारी कहते हैं, आतंकवादी कहते हैं, उनको न्याय देने के लिए मजबूर करिए। कांग्रेस के जितने भी कार्यकर्ता हैं, किसी से नहीं डरते हैं। हमें जेल में डालिए, हमें मारिए, हमें कुछ भी कर लीजिए, हम लड़ते रहेंगे, जब तक गृह राज्यमंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, हम लड़ते रहेंगे, हम डटे रहेंगे।

सब मिले हुए हैं
प्रियंका ने कहा, जब लखीमपुर (lakhimpur) में शहीद नक्षत्र सिंह के घर गई, तो पता चला कि उनका बेटा सीमा सुरक्षा बल में दाखिल हुआ है। जब अगले परिवार से मिलने गई तो बताया गया कि उनके भाई-बहन सेना में देश की सेवा करते हैं। जब मैं पत्रकार रमन कश्यप के घर गई तो बताया गया कि वो वीडियो ले रहे थे, इसलिए उन्हें कुचल दिया गया। सारे परिवारों ने मुझसे कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। अगर सरकार, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, गृह राज्यमंत्री, विधायक सभी मिले हुए हैं तो जनता किसके पास जाए।

कृषि कानून सब छिन लेगा
प्रियंका ने कहा, आप जानते हैं कि किसान ने 9-10 महीनों से एक आंदोलन जारी रखा है। 300 दिन से अधिक ये आंदोलन चला है। 600 से ज्यादा किसान शहीद हुए हैं। ये आंदोलन इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ये जानते हैं कि तीन कानून के जरिए उनके जमीन, आमदनी, फसल सब उनके खरबपति मित्रों के पास जाने वाली है। मोदीजी के मित्रों ने पिछले साल हिमाचल से सेब 88 रुपये किलो में खरीदा था, इस साल वही सेब 72 रुपये किलो में खरीद रहे हैं। इसलिए मनचाहे ढंग से कीमत घटा दी गई। ये स्थिति पूरे देश में होगी। जब इनके कानून लागू होंगे, तो आपकी खेती, फसल सब छीना जाएगा।

पूर्वांचल पर नजर
यह पहला मौका है, जब लखीमपुर खीरी कांड (Lakhimpur Kheri violence) और किसान आंदोलन (Farmers Movement) को लेकर प्रियंका ने आवाज बुलंद की है। लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर सरकार को घरेने की यह कोशिश विधानसभा चुनाव 2022 का शंखनाद माना जा रहा है। इस किसान न्याय रैली से प्रियंका गांधी ने बनारस की आठों सीटों के साथ पूर्वांचल की 164 विधानसभा सीटों पर जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश किया। 

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