42 जिले जहां पर कोरोना वायरस के कम केस हैं, वहां पर हॉटस्पॉट में जिन आशा बहुओं व एएनएम की ड्यूटी लगाई गई है या फिर जो हॉटस्पॉट क्षेत्र की निवासी हैं, उनकी ड्यूटी गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की जांच और टीकाकरण इत्यादि कार्यों में किसी भी कीमत पर नहीं लगाई जाएगी। 

लखनऊ (Uttar Pradesh) । यूपी में आज से मातृ, शिशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण संबंधित सेवाएं शुरू हो गई हैं। यह सुविधाएं सिर्फ 75 जिलों में से 42 ऐसे जिलों में ही शुरू हुईं हैं, जहां पर कम केस हैं। यहां गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की जांच और टीकाकरण से संबंधित कार्य पूरी सर्तकता और शारीरिक दूरी इत्यादि के नियमों का कड़ाई से पालन कर शुरू किए जाएंगे, जबकि 15 जिले जहां पर कोरोना वायरस का एक भी केस नहीं है, वहां पहले की तरह ही गतिविधियां शुरू होंगी। बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते टीकाकरण संबंधित कार्य पूरी तरह ठप रखा गया था।

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इन 15 जिलों में नहीं है एक भी केस
15 जिले जहां पर कोरोना वायरस के एक भी केस नहीं हैं। इनमें अमेठी, बलिया, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, कुशीनगर, ललितपुर, चंदौली, सोनभद्र, फतेहपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फर्रुखाबाद, अंबेडकर नगर व चित्रकूट में पूर्व की तरह ही अस्पतालों में जांच व टीकाकरण इत्यादि की सुविधाएं शुरू होंगी।

इन 18 जिलों में नहीं मिलेगा लाभ
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा है कि बताया कि 18 जिले जहां 20 से अधिक केस हैं, जिसमें आगरा, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, शामली, मेरठ, फीरोजाबाद, सहारनपुर, बिजनौर, रायबरेली, अमरोहा, बुलंदशहर, बस्ती, औरैया और संभल आदि जिलों में गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की जांच और टीकाकरण इत्यादि से संबंधित कोई कार्य शुरू नहीं होंगे।

इस तरह चलेगा अभियान
42 जिले जहां पर कोरोना वायरस के कम केस हैं, वहां पर हॉटस्पॉट में जिन आशा बहुओं व एएनएम की ड्यूटी लगाई गई है या फिर जो हॉटस्पॉट क्षेत्र की निवासी हैं, उनकी ड्यूटी गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की जांच और टीकाकरण इत्यादि कार्यों में किसी भी कीमत पर नहीं लगाई जाएगी। यहां शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर और पूरी तरह सर्तकता के साथ ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस आयोजित होगी।