यूपी के लखीमपुर में दो नाबालिग बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में अब एससी-एसटी आयोग एवं बाल अधिकार समिति की टीम पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। 

लखीमपुर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में बीते बुधवार को दो किशोरियों को दुष्कर्म कर उनकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। वहीं सोमवार को एससी-एसटी आयोग एवं बाल अधिकार समिति की टीम पीड़ित परवार के घर पहुंची। एससीएसटी आयोग की अध्यक्ष अंजू बाला ने पीड़ित परिवार से मिलकर मामले की विस्तृत जानकारी ली। इस मामले के हर एक घटनाक्रम की जानकारी अंजू बाला ने पीड़ित परिवार से ली। इसके अलावा उन्होंने पुलिस और प्रशासन की ओर से मिली मदद पर भी बातचीत की है।

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SC-ST आयोग की अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
इस दौरान एससीएसटी आयोग की अध्यक्ष अंजू बाला के अलावा मौके पर सीओ संजय नाथ तिवारी, खंड विकास अधिकारी राकेश कुमार सिंह व इंस्पेक्टर के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। किशोरियों के भाई ने टीम को जानकारी देते हुए कहा कि बहनों के शवों को दफनाने के लिए प्रशासन ने जल्दबाजी दिखाते हुए फौरन बुलडोजर मंगवा लिया गया था। लेकिन आरोपियों के घर पर अभी तक बुलडोजर क्यों नहीं चलाया गया। मृतक नाबालिगों के भाई ने कहा कि उनके परिवार ने पुलिस को जानकारी दी थी कि आरोपी छोटू कच्ची शराब भी बेचता है। लेकिन पुलिस ने अभी तक इस मामले पर भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।

सरकार की मदद से वापस नहीं मिलेंगी बेटियां
पीड़ित परिवार से कच्ची शराब की बिक्री की जानकारी मिलने के बाद टीम ने इंस्पेक्टर निघासन को फटकार लगाते हुए कहा कि जन-धन दोनों का ही शराब से नुकसान है। आखिर अभी तक ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। पीड़ित परिवार ने कहा कि सरकार की ओर से की जाने वाली मदद उनके लिए बेकार है। क्योंकि उनके परिवार ने अपने दो सदस्यों को खो दिया है। सरकार के मदद करने से वह सदस्य वापस नहीं आ जाएंगे। इसके अलावा जब तक इस मामले से जड़े सभी आरोपियों को फांसी नहीं दी जाएगी तब तक हमारे परिवार को न्याय नहीं मिलेगा।

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