दूल्हे की इस हरकत से दुल्हन, परिजनों और उनके मित्रों ने शादी को तोड़ने का फैसला किया। सिर्फ दूल्हे, उसके पिता और दो रिश्तेदारों को छोड़कर पूरी बारात को लौटा दिया गया। परिजनों ने दूल्हे समेत इन लोगों को बंधक बना लिया। दहेज में लिए गए 10 लाख रुपये वापस करने तक की बात कह दी। जिसे लौटाने के बाद जाने दिया।

मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) । शादी में जूता चुराई रस्म के दौरान बवाल हो गया। सालियों को अपशब्द कहना दूल्हे को भारी पड़ गया। चंद घंटे पहले फेरे लेकर सात जन्मों तक जीने-मरने की कसमें खाने वाली दुल्हन ने शादी ही तोड़ दी। इसके बाद दुल्हन पक्ष ने बारातियों को बंधक लिया गया। दहेज और शादी में खर्च 10 लाख रूपये देने पर मुक्त किया। यह घटना भोराकला थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

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जुता देने के नाम पर हुई थी पैसे की डिमांड
दूल्हा दिल्ली के नांगलोई इलाके की एक निजी कंपनी में काम करता है। गुरुवार को वह बारात लेकर मुजफ्फरनगर के सिसौली आया था। देर रात दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर शादी की रश्म पूरी की। आगे के रश्म के दौरान सालियों ने दुल्हा का जूता चुराया। जिसे देने के एवज में पैसों की मांग की। जिसपर दूल्हा राजी नहीं हुआ। दूल्हे ने अपशब्द कहते हुए एक शख्स को थप्पड़ जड़ दिया। 

दूल्हा समेत 4 बारातियों को बनाया बंधक
दूल्हे की इस हरकत से दुल्हन, परिजनों और उनके मित्रों ने शादी को तोड़ने का फैसला किया। सिर्फ दूल्हे, उसके पिता और दो रिश्तेदारों को छोड़कर पूरी बारात को लौटा दिया गया। परिजनों ने दूल्हे समेत इन लोगों को बंधक बना लिया। दहेज में लिए गए 10 लाख रुपये वापस करने तक की बात कह दी। जिसे लौटाने के बाद जाने दिया।

थाने के बाहर हुआ समझौता
घटना की जानकारी मिलने पुलिस मौके पर पहुंची। भोराकलां थाने के एसएचओ वीरेंद्र कसाना का कहना है कि 'किसी पक्ष की तरफ से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। थाने के बाहर दूल्हा और दुल्हन के परिजन समझौते के लिए तैयार हो गए।'