लखनऊ. अब प्रदेश की तहसीलों में भी महिलाओं की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होगी। योगी सरकार प्रदेश की तहसीलों में महिला हेल्‍प डेस्‍क बनाने जा रही है। जिससे महिलाओं को राजस्‍व संबंधी शिकायतों के निस्‍तारण के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। महिलाओं की शिकायतों को नजरंदाज करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि प्रदेश की हर तहसील में महिला हेल्‍प डेस्‍क अनिवार्य होगी।

मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। राजस्‍व संबंधी शिकायतों के निस्‍तारण के लिए महिलाओं को तहसीलों में भटकना न पड़े इसके लिए राज्‍य सरकार ने सभी तहसीलों में महिला हेल्‍प डेस्‍क बनाने के निर्देश जारी किए हैं। राजस्‍व विभाग की अपर मुख्‍य सचिव रेणुका कुमार द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक हर तहसील में महिला हेल्‍प डेस्‍क के लिए एक अलग कक्ष तय होगा। हेल्‍प डेस्‍क पर एक कंप्‍यूटर, प्रिंटर, कुर्सी, मेज, पंखा और पीने का स्‍वच्‍छ पानी की उपलब्‍धता अनिवार्य होगी। 

हेल्प डेस्क पर होगी महिला कर्मचारी की तैनाती 
हेल्‍प डेस्‍क पर महिला कर्मचारी की तैनाती भी होगी। महिला कर्मचारी के लिए मृदुभाषी, सौम्‍य व्‍यवहार का होना आवश्‍यक होगा। महिला शिकायतकर्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसका विशेष तौर पर ध्‍यान रखा जाएगा। बता दें कि शिकायतों का विवरण कंप्‍यूटर में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही शिकायत की रसीद मुहर और दस्‍तखत के साथ देनी होगी। 

महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण 
महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को साप्‍ताहिक स्‍तर पर एसडीएम द्वारा और 15 दिन में जिलाधिकारी द्वारा निगरानी की जाएगी। इन शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण भी किया जाएगा। महिला हेल्‍प डेस्‍क सेंटर पर वॉल पेंटिंग और बैनर भी लगाए जाने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि बीते दिनों ही योगी सरकार ने पुलिस थानों पर महिला हेल्‍प डेस्‍क बनाने का ऐलान किया था। योगी सरकार की यह मंशा है कि मि‍शन शक्ति पूरे होने तक राज्‍य में महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी बदलाव हो। तहसील में महिला हेल्‍प डेस्‍क बनाए जाने के इस निर्णय को काफी अहम माना जा रहा है।