बीते दिनों झांसी जिले में 5 अक्टूबर की रात पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बालू खनन से जुड़े पुष्पेंद्र यादव मामले में सियासत गरमाती जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मामले पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा, पुष्पेंद्र की पुलिस से दो बार अलग-अलग मुठभेड़ हुई थी, जिसमें वह मारा गया।

लखनऊ (Uttar Pradesh). बीते दिनों झांसी जिले में 5 अक्टूबर की रात पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बालू खनन से जुड़े पुष्पेंद्र यादव मामले में सियासत गरमाती जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मामले पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा, पुष्पेंद्र की पुलिस से दो बार अलग-अलग मुठभेड़ हुई थी, जिसमें वह मारा गया। अपराधियों पर कार्रवाई होने से अखिलेश यादव को बुरा लग रहा है। बता दें, बीते दिनों अखिलेश यादव ने पुष्पेंद्र के घर जाकर उसके परिजनों से मुलाकात की थी। साथ ही इस एनकाउंटर को हत्या करार दिया था।

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यूपी में सिर्फ कानून का राज होगा
सीएम ने कहा, पहले दरोगा को गोली मारी गई। फिर जब दूसरी पुलिस टीम ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की तो मुठभेड़ हुई और वो मारा गया। जानबूझकर लोगों को नहीं मारा जा रहा। अखिलेश यादव के सत्ता में रहते हुए हर माफिया, गुंडा और अपराधी उनके सगे बने हुए थे। आज जब अपराधियों के अंदर भय पैदा हुआ, तो उन्हें बुरा लगना स्वाभाविक है। कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। न पुलिस न नेता और न ही अपराधियों को। प्रदेश में सिर्फ कानून का राज होगा।

क्या है पूरा मामला
झांसी पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर 2019 की रात बालू खनन में शामिल पुष्पेंद्र ने कानपुर-झांसी हाइवे पर मोंठ के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान पर फायर कर उनकी कार लूट ली थी। धर्मेंद्र के चेहरे पर फायर बर्न के निशान भी मिले थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसके बाद पुलिस ने उसी रात शहर में नाकेबंदी कर पुष्पेंद्र को गुरसरांय थाना इलाके में फरीदा के पास मुठभेड़ में मार गिराया। उस समय पुष्पेंद्र के साथ दो और लोग थे, जोकि फरार हो गए। रविवार यानी 6 अक्टूबर को पुष्पेंद्र का शव उसके परिजनों ने लेने से इनकार कर दिया। कई बार वार्ता विफल होने पर झांसी में पुष्पेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया। 

बता दें, घटना के अगले ही दिन 6 अक्टूबर को पुलिस ने पुष्पेंद्र यादव, विपिन, रविंद्र के खिलाफ मोंठ और गुरसरांय थाने में दो अलग-अलग केस दर्ज किए थे। जबकि इससे पहले पुष्पेंद्र पर कोई केस दर्ज नहीं होने का दावा किया गया। यही नहीं, पुलिस ने मंगलवार को पुष्पेंद्र का अपराधिक इतिहास होने का विवरण पेश किया था। जिसमें उस पर गुंडा ऐक्ट समेत पांच केस दर्ज होना बताया गया। दूसरी तरफ, इंस्पेक्टर धमेंद्र का कानपुर ट्रांसफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले मोंठ पुलिस ने पुष्पेंद्र का एक ट्रक पकड़ कर सीज कर दिया था। इसी मामले को लेकर पुष्पेंद्र का इंस्पेक्टर धमेंद्र से विवाद चल रहा था।