गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और गिरफ्तारी के लिए 10 विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस जांच और छापेमारी तेज है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में कड़ी और त्वरित कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आतंक फैलाने और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं।

लोनी क्षेत्र में सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह लोनी क्षेत्र के अल्वी नगर निवासी सलीम वास्तिक पर अली गार्डन कॉलोनी स्थित उनके कार्यालय में हमला किया गया। बताया जा रहा है कि बाइक सवार दो अज्ञात हमलावर उनके दफ्तर में घुसे और चाकुओं से गले व पेट में कई वार किए। हमले में गंभीर रूप से घायल सलीम को तुरंत दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। परिवार के अनुसार उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

पांच आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज

इस मामले में सलीम के बेटे उस्मान की तहरीर पर शक के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों में एआईएमआईएम नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख, सोनू और भाटी बिल्डर के नाम शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दस विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, ताकि फरार आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।

दिल्ली और गाजियाबाद में छापेमारी, जांच तेज

बीती रात पुलिस ने चार स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इनमें दो ठिकाने दिल्ली और दो गाजियाबाद में बताए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की तलाश और तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले के पीछे संभावित रंजिश, वैचारिक मतभेद या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई, कानून-व्यवस्था पर सरकार सख्त

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।