Asianet News HindiAsianet News Hindi

बेहद बुरी हालत में मिले थे हाथी के बच्चे, आज इस शख्स को मानते हैं मम्मी पापा

ज़िम्बाम्बे में बचाए गए दो हाथी के बच्चों की रिकवरी की तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दनों ही बच्चों को मौत के मुंह से निकालने वाली टीम की लोग काफी तारीफ कर रहे हैं।  

Amazing transformation of two baby elephants rescued in Zimbabwe kph
Author
Zimbabwe, First Published Dec 11, 2019, 6:52 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

जिम्बाम्बे: वैसे तो हाथी अपने बच्चों का काफी अच्छे से ध्यान रखते हैं। अपने बच्चों के प्रति हथिनी से लेकर हाथी तक जिम्मेदार होते हैं। लेकिन जिम्बाम्बे के जंगलों से दो हाथी के बच्चों को रेस्क्यू किया गया। ये दोनों ही अकेले मिले थे और दोनों की हालत काफी बुरी थी। लेकिन इन्हें एक शख्स ने दिन-रात मेहनत कर, देखभाल कर बचा लिया। 

Amazing transformation of two baby elephants rescued in Zimbabwe kph

इस हाल में मिले थे बच्चे 
इनमें से एक कडीकी को जब रेस्क्यू टीम ने बचाया था, तब वो एक दिन की थी। उसपर शेर ने हमला किया था। उसकी सूंड और पूंछ पर गहरे जख्म थे। वहीं एक महीने की बूमि जिम्बाम्बे की गर्मी में चट्टानों के बीच फंस गई थी। उसे सनबर्न हो गया था। जब वो मिली थी, तब उसकी हालत काफी खराब थी। 

Amazing transformation of two baby elephants rescued in Zimbabwe kph

मसीहा बन आए डॉ रॉक्सी 
दोनों ही बच्चों को रेस्क्यू टीम ने बचाया। दोनों को वहां से जिम्बाम्बे एलीफैंट नर्सरी लाया गया। वहां उन्हें डॉ रॉक्सी डंकवेर्ट्स की निगरानी में रखा गया। 53 साल के डॉ रॉक्सी ने ही ये नर्सरी शुरू की है। उन्होंने दोनों ही बच्चों के लिए जी जान लगा दी। दोनों को दवाइयां दी गई और नर्सरी की टीम ने उन्हें काफी प्यार दिया।  

Amazing transformation of two baby elephants rescued in Zimbabwe kph

आज रॉक्सी को मानते हैं पिता 
कडीकी और बूमि ने तेजी से रिकवर किया। आज वो नर्सरी में खेलती नजर आती हैं। साथ ही वो डॉ रॉक्सी और उनकी वाइफ से काफी क्लोज हैं। दोनों ही उन्हें मम्मी पापा मानते हैं। नर्सरी के अन्य सदस्यों के साथ भी कडीकी और बूमि काफी कम्फर्टेबल हैं। इनकी तस्वीरें लोगों को काफी पसंद आ रहा है।  
 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios