5 नवंबर को इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अमेरिका ने सद्दाम ही नहीं, पूरे ईराक को बर्बाद कर दिया था।  

ईराक: इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन को अमेरिका ने कब्जे में लेकर फांसी पर चढ़ा दिया था। इराक में सद्दाम को लोग भगवान की तरह पूजते थे। ऐसे में उनकी मौत बाद लोगों ने उनका आलिशान मकबरा बनवाया था। लेकिन शायद उनके विरोधियों को उनका चैन से सोना भी नागवार गुजरा।

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तेल का खेल 
तेल को लेकर शुरू हुए वॉर के बीच अमेरिका ने ईराक पर कई बार हमला किया। लेकिन सद्दाम के नेतृत्व में इराकी सैनिकों ने हर बार अमेरिका को धूल चटाई थी। इसी से खार खाए अमेरिका ने नरसंहार और आतंकवाद से जुड़े कई आरोप लगाकर सद्दाम हुसैन को बंदी बना लिया था। कोर्ट में चली कार्रवाई के बाद उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी।

टिकरित में बना था मकबरा 
सद्दाम हुसैन को 2006 में फांसी पर लटकाए जाने के बाद उनका शव टिकरित में दफनाया गया था। जहां लोगों ने आलिशान मकबरा बनाया था। लेकिन सद्दाम के विरोधियों को उनका चैन से सोना पसंद नहीं आया। 2015 में आईएसआईएस को ईराक से भगाने के लिए हुए वॉर के दौरान उनके मकबरे पर बम गिराए गए। जिससे पूरा मकबरा तबाह हो गया। 

सालभर पहले हटा ली गई थी लाश 
सद्दाम के चाहने वालों को अंदाजा था कि ऐसा किया जा सकता है। इस कारण एक साल पहले 2014 में ही उनकी बॉडी को मकबरे से निकाल कर अनजान जगह पर ले जाया गया था। मकबरे की खूबसूरती की तारीफ पूरी दुनिया में थी। लेकिन वॉर के नाम पर इसे तबाह कर खंडहर में बदल दिया गया था।