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अपने ही मालिक को नोच खाते हैं ये कुत्ते

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्विटर पर उस कुत्ते की तस्वीर शेयर की, जिसने बगदादी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। ये कुत्ता बेल्जियम मेलोनॉइज नस्ल का है, जिसने इससे पहले आतंकी ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में भी अहम भूमिका निभाई थी। 
 

Specialties of Belgian malinois dogs that sniffed laden and bagdadi
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New Delhi, First Published Oct 30, 2019, 1:44 PM IST
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नई दिल्ली: कुत्तों को इंसानों का सबसे वफादार साथी माना जाता है। कई नस्ल के कुत्ते होते हैं। इनमें से कुछ लोग शौक से पालते हैं। ये दिखने में काफी क्यूट होते हैं। वहीं कुछ कुत्ते सिक्युरिटी पर्पस से पाले जाते हैं। ये काफी विशाल होते हैं और खूंखार भी। इन्हीं में से एक नस्ल है बेल्जियम मेलोनॉइज। ये कुत्ते भारत में पुलिस के पास होते हैं। ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। इन कुत्तों को घर पर पालना अवॉयड ही करना चाहिए। आइये जानते हैं इन कुत्तों के बारे में। 

पहले ओसामा अब बगदादी 
बेल्जियम मेलोनॉइज वही कुत्ते हैं, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। साथ ही अमेरिकी सैनिकों को भी इन कुत्तों का साथ मिला है। जिससे वो और मजबूत हो जाते हैं। बेल्जियम मेलोनॉइज अपराधियों को पकड़ने में काफी अहम रोल निभाते हैं। इस नस्ल के कुत्तों का इस्तेमाल अमेरिकी सैनिकों ने पहले ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के लिए किया था। उसके बाद बगदादी को पकड़ने में भी बेल्जियम मेलोनॉइज ने अहम भूमिका निभाई थी।  

Specialties of Belgian malinois dogs that sniffed laden and bagdadi

भारतीय पुलिस के पास भी हैं ये कुत्ते 
इंडियन आर्मी के पास भी बेल्जियम मेलोनॉइज हैं। इनका इस्तेमाल मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट्स पर सिक्युरिटी चेक के लिए किया जाता है। सीआईएसएफ की बात करें, तो ये कुत्ते बम डिटेक्ट करने में काफी मदद करते हैं।  सीआईएसएफ मेट्रो के पास अभी कुल 63 कुत्ते हैं, जिनमें लेब्रा, जर्मन शेफर्ड और क्रॉकर स्पैनिएल्स शामिल हैं। लेकिन ये कुत्ते आतंकियों द्वारा छिपाए बम डिटेक्ट नहीं कर पाते। इस कारण अब इनमें बेल्जियम मेलोनॉइज को शामिल किया गया है। साथ ही ये कुत्ते जर्मन शेफर्ड के मुकाबले छोटे होते हैं, जिस कारण इन्हें फ्लाइट से आसानी से लाया जा सकता है। इस कारण अब इनकी डिमांड बढ़ रही है। 

ये होती है खासियत 
बेल्जियम मेलोनॉइज में मेल की हाइट 24 से 26 इंच होती है जबकि फीमेल की हाइट 22 से 24 इंच होती है। वहीं बात अगर वजन की करें तो इनका वेट 20 से 30 केजी तक होता है। ये 9 गज की दूरी से अपने शिकार को ट्रैक कर सकता है। साथ ही 2 फीट की गहराई में छिपे सामान भी सूंघ कर पता लगा लेते हैं। इतना ही नहीं, अगर किसी जगह से कोई इंसान 24 घंटे पहले भी गुजरा है, तो बेल्जियम मेलोनॉइज उसका भी पता लगा लेते हैं। ये कुत्ते काफी फुर्तीले होते हैं। ये 2 से 3 फीट तक ऊंची दीवार बिना किसी परेशानी के पार कर लेते हैं।  

घर पर पालना है खतरनाक 
बेल्जियम मेलोनॉइज भारत में आपको 60 हजार से 85 हजार रुपए तक में मिल जाएंगे। लेकिन इस नस्ल के कुत्तों को पालना खतरनाक हो सकता है। ये फैमिली के बीच रहने के लिहाज से खतरनाक हैं। ये कुत्ते काटते हैं। हो सकता है कि आपको खेल-खेल में काट ले। अपनी आक्रामक शैली के कारण ही इन्हें मिलिट्री में रखा जाता है। 
 

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