वियतनाम में एक एल्कोहलिक पेशेंट की जान बचाने के लिए 15 कैन बियर चढ़ाई गई। मेडिकल इतिहास में यह संभवत: पहला ऐसा मामला है। 

हनोई (वियतनाम)। एल्कोहलिक पॉइजनिंग के शिकार एक मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने उसे 15 कैन बियर चढ़ाई, तब उसकी जान बच सकी। 48 वर्षीय गुयेन वैन बहुत ज्यादा शराब पीता था। इससे उसका लिवर खराब हो गया था। लेकिन उसने शराब पीना नहीं छोड़ा। एक दिन अधिक शराब पी लेने से वह एल्कोहलिक पॉइजनिंग का शिकार हो गया। वह अचानक बेहाश हो गया और ऐसा लगने लगा कि उसकी जान नहीं बच पाएगी। जब उसे हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया तो वहां डॉक्टरों ने उसे 15 कैन बियर चढ़ाई। इसके बाद उसकी हालत में सुधार देखा गया।

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लिवर ने काम करना बंद कर दिया था
डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि उसका लिवर पूरी तरह खराब हो गया है और अब वह काम करना बंद कर चुका था। उसके खून में मेथेनॉल की मात्रा तय मानक से 1,119 प्रतिशत ज्यादा थी। ऐसे में, डॉक्टरों ने उसे बियर चढ़ाने का फैसला किया। उसके पेट में हर घंटे एक लीटर बियर पम्पिंग के जरिये डाली गई। 

लिवर करने लगा काम
इसके बाद गुयेन का लिवर सामान्य तौर पर काम करने लगा और उसकी बोहोशी भी दूर हो गई। डॉक्टरों का कहना था कि एल्कोहलिक पॉइजनिंग को खत्म करने के लिए उसके पेट में बियर डाली गई।

मेडिकल इतिहास में पहला मामला
इस तरह से इलाज करने को मेडिकल इतिहास का पहला मामला माना जा रहा है। पर आश्चर्य की बात यह है कि मरीज की जान बच गई। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जब लिवर एक बार पूरी तरह खराब हो जाता है, तो उसे ठीक कर पाना संभव नहीं है। लिवर ट्रांसप्लांटेशन के जरिये ही मरीज को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।