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कौन हैं बाइक एंबुलेंस दादा, जिन्हें एयरपोर्ट पर PM मोदी ने लगाया गले...बचा चुके हैं 4000 लोगों की जान

प बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को चौथे चरण का मतदान हो रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के जलपाईगुड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने एयरपोर्ट पर करीमुल हक से गर्मजोशी से मुलाकात की। पीएम ने उन्हें गले भी लगाया। करीमुल हक पद्म पुरस्कार विजेता हैं और उन्हें लोग ऐंबुलेंस दादा नाम से जानते हैं। आईए जानते हैं उनसे जुड़ीं कुछ खास बातें...

West Bengal Padma awardee Karimul Haque also known as Bike Ambulance Dada met PM Modi at Airport KPP
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Kolkata, First Published Apr 10, 2021, 2:33 PM IST
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कोलकाता. प बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को चौथे चरण का मतदान हो रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के जलपाईगुड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने एयरपोर्ट पर करीमुल हक से गर्मजोशी से मुलाकात की। पीएम ने उन्हें गले भी लगाया। करीमुल हक पद्म पुरस्कार विजेता हैं और उन्हें लोग ऐंबुलेंस दादा नाम से जानते हैं। आईए जानते हैं उनसे जुड़ीं कुछ खास बातें...

करीमुल हक समाजसेवी हैं। वे अपनी बाइक एंबुलेंस से मुफ्त में गरीब बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाते हैं। वे अब तक इस काम के जरिए 4000 लोगों की जान बचा चुके हैं। हक चाय बगान में काम करते हैं और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाइक एम्बुलेंस से मदद पहुंचाकर उनकी परेशानियों को दूर करते हैं। 

करीमुल हक पर लिख चुकी किताब
करीमुल हक उनके इस काम के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं उनकी कहानी पर किताब भी लिख चुकी है। इसे पत्रकार बिस्वजीत झा ने लिखा है। किताब का नाम है-  'बाइक एम्बुलेंस दादा, द इंस्पायरिंग स्टोरी ऑफ करीमुल हक: द मैन हू सेव्ड 4000 लाइव्स।'

मां की मौत के बाद शुरू किया काम
हक ने 26 साल पहले अपनी मां को खो दिया था। वे उस वक्त एंबुलेंस का खर्च नहीं उठा सकते थे, इस वजह से अपनी मां को अस्पताल नहीं ले जा सके। अपनी मां की मौत के बाद जब उनके साथ काम करने वाले सहकर्मी की तबीयत खराब हुई, तो उन्होंने बाइक से उसे अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद वे इलाके में रहने वाले सभी गरीबों को अस्पताल पहुंचाकर मदद करने लगे। 

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