Blast in Afghanistan तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने ट्वीट किया कि उत्तरी प्रांत कुंदुज की एक मस्जिद में हुए विस्फोट में मारे गए 33 लोगों में बच्चे भी शामिल हैं।

काबुल। अफगानिस्तान (Afghanistan) में एक बार फिर जुमे की नमाज के दौरान आतंकियों ने खून की होली खेली है। उत्तरी अफगानिस्तान में जुमे की नमाज के दौरान हुए एक मस्जिद में विस्फोट (blast in mosque) में 33 लोगों की मौत हो गई है। बम विस्फोट में 50 के आसपास लोग घायल भी हैं। तालिबान के प्रवक्ता ने बताया कि इस्लामिक स्टेट द्वारा दो अलग अलग घातक हमलों के दावे के एक दिन बाद यह विस्फोट हुआ है। आईएस (Islamic state) लगातार अफगानिस्तान के शिया मुसलमानों को निशाना बना रहा है। हालांकि, तालिबान लड़ाकों द्वारा अमेरिकी सैनिकों को देश छोड़ने पर मजबूर करने के साथ अफगानिस्तान में अपना पूरा कब्जा जमाने के बाद विस्फोटों में कमी आई है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

विस्फोट में मारे गए लोगों में काफी संख्या में बच्चे भी 

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने ट्वीट किया कि उत्तरी प्रांत कुंदुज की एक मस्जिद में हुए विस्फोट में मारे गए 33 लोगों में बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "हम इस अपराध की निंदा करते हैं... और शोक संतप्त लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"

सोशल मीडिया पर विस्फोट के फोटोज वायरल

सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटोज को तुरंत सत्यापित नहीं किया जा सका है। तमाम फोटोज में कुंदुज शहर के उत्तर में सूफियों के साथ लोकप्रिय मावलवी सिकंदर मस्जिद की दीवारों को विस्फोट के बाद क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। शवों के जगह-जगह चिथड़े व लोथड़े दिखाई दे रहे हैं।

मस्जिद के पास एक दुकान के मालिक मोहम्मद एसाह ने कहा, "मस्जिद का नजारा भयावह था। मस्जिद के अंदर नमाज पढ़ने वाले सभी लोग या तो घायल हो गए या मारे गए।"
स्थानीय जिला अस्पताल की एक नर्स ने फोन पर एएफपी को बताया कि विस्फोट में 30 से 40 लोगों के हताहत हुए हैं।

कई बम विस्फोट

यह विस्फोट, इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ में एक शिया मस्जिद पर बम हमले का दावा करने के एक दिन बाद हुआ है। पूर्व के हमले में कम से कम 12 उपासक मारे गए और 58 लोग घायल हो गए। उन्होंने गुरुवार को कुंदुज शहर में एक अलग हमले का भी दावा किया, जिसमें चार लोग मारे गए और 18 घायल हो गए। काबुल के शिया पड़ोस में मंगलवार को एक स्कूल में दोहरे विस्फोटों का दावा किया गया। इसमें छह लोग मारे गए और 25 से अधिक घायल हो गए।

शिया अफगान, जो ज्यादातर हजारा समुदाय से हैं, जो अफगानिस्तान की 38 मिलियन की आबादी का 10 से 20 प्रतिशत के बीच है, लंबे समय से आईएस के निशाने पर हैं, जो उन्हें विधर्मी मानते हैं। इससे पहले शुक्रवार को तालिबान अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने मजार-ए-शरीफ की मस्जिद में गुरुवार को हुए बम विस्फोट के आईएस के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। तालिबान अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना ने आईएस को हरा दिया है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि जिहादी समूह सुरक्षा के लिए एक प्रमुख चुनौती है।

यह भी पढ़ें:

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने अचानक दिया इस्तीफा, सरकार ने आनन फानन में सुमन के.बेरी को किया नियुक्त

केन्या के तीसरे राष्ट्रपति मवाई किबाकी का निधन, इतिहास के सबसे हिंसक चुनाव को देखा, 1100 लोगों की गई थी जान

नान बनाते समय लार का कर रहा था उपयोग, यूपी के गाजियाबाद का यह वीडियो देख आप नान खाना छोड़ देंग