बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने अपने वरिष्ठ नेता उस्ताद वाहिद कंबर बलूच के कथित अपहरण के दो साल पूरे होने पर उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। संगठन ने पाकिस्तान सेना पर उन्हें हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील की है।
क्वेटा [बलूचिस्तान], 21 जुलाई (एएनआई): बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन के लगातार लग रहे आरोपों के बीच बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने अपने एक वरिष्ठ नेता के कथित जबरन गायब किए जाने के मामले में अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपनी अपील दोहराई है।
अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संगठन ने उस्ताद वाहिद कंबर बलूच के लापता होने की दूसरी बरसी पर उन्हें तुरंत सार्वजनिक रूप से सामने लाने की मांग की है। बीएनएम के प्रवक्ता के अनुसार, उस्ताद वाहिद कंबर बलूच पिछले दो सालों से पाकिस्तान सेना की हिरासत में हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के तहत युद्ध बंदी के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। प्रवक्ता ने बलूचिस्तान को पाकिस्तान के कब्जे वाला क्षेत्र बताया और कहा कि उस्ताद वाहिद कंबर बलूच बलूच राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को एक व्यापक जन आंदोलन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ईरान से अपहरण का आरोप
बयान में आरोप लगाया गया कि 19 जुलाई, 2024 को उस्ताद वाहिद कंबर बलूच को ईरान के केरमान शहर से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जुड़े कर्मियों ने अगवा कर लिया था। उस समय वह करीबी रिश्तेदारों की मदद से वहां रह रहे थे और अपने दिल की बीमारी का इलाज करा रहे थे।
हिरासत में टॉर्चर और स्वास्थ्य पर चिंता
प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि रिपोर्ट्स से पता चलता है कि उन्हें अपनी राजनीतिक मान्यताओं को छोड़ने के लिए मजबूर करने की कोशिश में हिरासत के दौरान गंभीर शारीरिक और मानसिक यातना दी गई है। उनकी बढ़ती उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए संगठन ने उनकी सुरक्षा और सलामती पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
बीएनएम ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि वे पाकिस्तान को उसके मानवाधिकार दायित्वों को पूरा करने के लिए मजबूर करने में विफल रहे हैं। उसने यह भी दावा किया कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के सम्मान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार लाभ और राजनयिक विशेषाधिकारों का आनंद लेने के बावजूद, पाकिस्तान उन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में लगातार विफल रहा है।
तत्काल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग करते हुए, संगठन ने वैश्विक समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने और प्रभावी प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी, न्यायेतर हत्याएं, सामूहिक दंड और राजनीतिक दमन लगातार बढ़ रहा है। (एएनआई)
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