अमेरिका में 5 नवंबर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू होगी। 24.4 करोड़ वोटर्स वोट डालेंगे, लेकिन चुनावी नतीजे आने में 2 महीने से ज़्यादा लग सकते हैं। इस बार मैदान में कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुकाबला है। 

वर्ल्ड डेस्क : अमेरिका के नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए 5 नवंबर से वोटिंग (US Elections 2024 Voting) शुरू हो जाएगी। करीब 244 मिलियन यानी 24.4 करोड़ वोटर्स वोट डालेंगे। इस बार चुनावी मैदान में डेमोक्रेटिक पार्टी से कमला हैरिस (Kamala Harris) और रिपब्लिकन पार्टी से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हैं। इस चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया करीब 20 दिनों तक चलेगी लेकिन रिजल्ट (US Elections Results 2024) आने में 2 महीने से भी ज्यादा का वक्त लगेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस अमेरिका की आबादी (2024 में अनुमानित 34.5 करोड़) में यूपी (25 करोड़ अनुमानित) और महाराष्ट्र (12.98 करोड़ अनुमानित) से भी कम है, उसके चुनावी नतीजे आने में इतना समय क्यों लगेगा?

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अमेरिका में कितने दिनों तक चलेगी वोटिंग

यूएस में 5 नवंबर से वोटिंग शुरू हो जाएगी और करीब 20 दिनों तक चलेगी। 25 नवंबर 2024, 17 राज्यों के लिए डाक से मतपत्र स्वीकार करने का आखिरी दिन रहेगा। इसके बाद रिजल्ट की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें लंबा समय लगेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति की चयन प्रक्रिया

17 दिसंबर को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चयन करने के लिए इलेक्टर्स अपने-अपने राज्यों और वाशिंगटन डीसी में मिलेंगे। 25 दिसंबर तक इलेक्टोरल वोट्स को सीनेट के प्रेसीडेंट और आर्किविस्ट को मिल जाना चाहिए।

यूएस चुनाव का रिजल्ट कब आएगा

इन सब प्रक्रियाओं के बाद 6 जनवरी, 2025 को उपराष्ट्रपति कांग्रेस के संयुक्त सत्र में इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती की अध्यक्षता कर चुनावी नतीजों का ऐलान करेंगे। इसके बाद 20 जनवरी 2025 को नए राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण करेंगे।

अमेरिका में चुनाव के नतीजे आने में इतने दिन क्यों लगते हैं

यूएस में नए राष्ट्रपति का चुनाव तो 5 नवंबर से ही शुरू हो जाएगा और वोटो की गिनती भी उसी दिन से होने लगती है लेकिन फाइनल रिजल्ट आने में कई दिनों का वक्त लग सकता है। इसका पता तब तक नहीं चलता है, जब तक उम्मीदवार ज्यादातर राज्यों, खासकर स्विंग स्टेट्स में जीत हासिल नहीं कर लेते हैं। अगर जीत में बड़ा अंतर नहीं आता है तो फिर से काउंटिंग हो सकती है, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। चूंकि इस बार डोनाल्ड ट्रंप मैदान में हैं, इसलिए जानकार रिजल्ट आने में विवाद की आशंका जाहिर कर रहे हैं, क्योंकि अगर ट्रंप की हार होती है तो वह कानूनी लड़ाई का रास्ता भी अपना सकते हैं। कमला हैरिस को लेकर भी कुछ जानकारों का यही मानना है। ऐसे में चुनावी परिणाम में इस बार ज्यादा देरी हो सकती है।

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