चीन में फैले कोरोना वायरस के घातक प्रकोप के बीच अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से वहां की यात्रा करने की किसी भी योजना पर "पुनर्विचार" करने का आग्रह किया है।

वाशिंगटन. चीन में फैले कोरोना वायरस के घातक प्रकोप के बीच अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से वहां की यात्रा करने की किसी भी योजना पर "पुनर्विचार" करने का आग्रह किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को हुबेई प्रांत की यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है, जहां वुहान शहर स्थित है। इस शहर में कोरोना वायरस से संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं।

वायरस के कारण 106 लोगों की मौत

चीन में अब तक वायरस के कारण 106 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4515 लोग संक्रमित पाए गए हैं। तिब्बत को छोड़कर, चीन के सभी प्रांतों में वायरस के मामले सामने आ चुके हैं, जिसे नियंत्रित करना स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

कोरोनो वायरस की वजह से चीन की यात्रा पर पुनर्विचार 

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक यात्रा परामर्श में कहा, "चीन के वुहान में कोरोनो वायरस के मामले सामने आने की वजह से चीन की यात्रा पर पुनर्विचार करें। कुछ क्षेत्रों में जोखिम बढ़ गया है।"

दिसंबर 2019 की शुरुआत में फैलना शुरू हुआ

विदेश विभाग ने कहा, "चीन जाने से पहले पुन:विचार करें। नये कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सांस लेने में समस्या हो रही है। यह दिक्कत चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर से शुरू हुई। वायरस का संक्रमण दिसंबर 2019 की शुरुआत में फैलना शुरू हुआ और अब तक जारी है। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश भर में हजारों मामले सामने आने की सूचना दी है।"

वुहान प्रांत के लिए स्तर चार का परामर्श जारी किया 

वुहान प्रांत के लिए स्तर चार का परामर्श जारी किया गया है और चीन में अन्य जगहों के लिए यह स्तर दो से तीन तक है।

परामर्श में कहा गया है, "चीन में फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हुबेई प्रांत की यात्रा न करें। इसके पहले मामले की पहचान चीन के वुहान शहर में हुई है।" मंत्रालय ने कहा कि पिछले हफ्ते उसने सभी गैर-आपातकालीन अमेरिकी कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को वुहान से निकल जाने का आदेश दिया था।

मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा, "अमेरिकी सरकार के पास हुबेई प्रांत में अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की सीमित क्षमता है।" उसमें कहा गया है कि यात्रियों को यात्रा प्रतिबंधों को लेकर तैयार रहना चाहिए।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)