न्यूयॉर्क. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए अलग सुर में बोलने लगे। उन्होंने LAC पर चीनी सेना के आक्रामक रवैये और युद्धाभ्यासों के विपरीत बयान देते हुए कहा कि चीन किसी भी प्रकार के युद्ध का इरादा नहीं रखता है। उन्होंने आगे कहा कि दो देशों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन बातचीत के माध्यम से इसे हल करना चाहिए। वहीं लद्दाख में घुसपैठ कर बैठा चीन बातचीत में शुरू से अड़ियल रूख अपना रहा है। 

गौरतलब है की लद्दाख और उसके आसपास के इलाकों में चीनी सेना लगातार युद्ध का अभ्यास करती देखी जा रही है। चीनी सेना पिछले काफी समय से भारत के इलाके में घुसपैठ की भी कोशिश करती आ रही है। LAC पर दोनों सेनाओं के बीच हालात भी सामान्य नहीं हैं। अभी एक दिन पूर्व ही दोनों देशों के बीच कोर कमांडर की बैठक भी हो चुकी है। लेकिन अब यूनाइटेड नेशन महासभा में जिनपिंग की बातें उसके झूठ को बड़ा सबूत हैं।

जिनपिंग ने कहा- चीन है शांतिप्रिय देश 
उन्होंने कहा कि चीन विश्व का सबसे बड़ा विकासशील देश है जो शांतिपूर्ण, खुले, सहकारी और सामान्य विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम कभी भी प्रभाव के विस्तारवादिता की तलाश नहीं करेंगे। किसी भी देश के साथ शीत युद्ध या ह युद्ध लड़ने का हमारा कोई इरादा नहीं है। शी जिनपिंग ने कहा कि हम बातचीत और बातचीत के माध्यम से मतभेदों को दूर करने और दूसरों के साथ विवादों को हल करने के लिए जारी रखेंगे।