पूरी दुनिया कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रही है। इसी बीच एक अच्छी खबर भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिका में 11 दिसंबर से वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। वहीं, ब्रिटेन और जर्मनी में भी दिसंबर से औपचारिक तौर पर कोरोना का टीका लगने लगेगा। जर्मनी के हेल्थ मिनिस्टर ने इसकी पुष्टि भी की है। 

नई दिल्ली. पूरी दुनिया कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रही है। इसी बीच एक अच्छी खबर भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिका में 11 दिसंबर से वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। वहीं, ब्रिटेन और जर्मनी में भी दिसंबर से औपचारिक तौर पर कोरोना का टीका लगने लगेगा। जर्मनी के हेल्थ मिनिस्टर ने इसकी पुष्टि भी की है। 

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भारत में कब मिलेगी कोरोना की वैक्सीन?
उधर, भारत में भी 2021 की शुरुआत कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, भारत को अगले साल के शुरुआती तीन महीनों में वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। सितंबर 2021 तक 25-30 करोड़ भारतीयों को टीका लगाया जा सकता है। भारत में सबसे पहले कोरोना वॉरियर्स यानी हेल्थ वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा। 

अमेरिका : 11 दिसंबर से लगेगा टीका
अमेरिका में फिर से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिका में कोरोना वैक्सीन टास्क के हेड मोन्सेफ सलोई ने CNN को दिए इंटरव्यू में बताया, अमेरिका में 11 दिसंबर को पहले व्यक्ति को वैक्सीन दी जाएगी। उन्होंने कहा, हमारी कोशिश है कि जैसे ही FDA वैक्सीन को मंजूरी देता है, वैसे ही टीकाकरण शुरू कर देंगे। इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

स्पेन : जनवरी से लगेंगे टीका 
उधर, स्पेन में भी जनवरी से कोरोना के टीकाकरण का काम शुरू हो जाएगा। यह जानकारी स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने दी। सांचेझ ने बताया, स्पेन में सभी जरूरी व्यवस्थाएं कर ली हैं। हम ये मानकर चल रहे हैं कि देश में जनवरी में वैक्सीनेशन शुरू होगा और तीन महीने में पूरे देश को इसके डोज मुहैया करा दिए जाएंगे। यहां कुल 13 हजार वैक्सीनेशन पॉइंट्स बनाए गए हैं, जहां टीकाकरण किया जाएगा। 

ब्रिटेन में भी आ सकती है वैक्सीन
द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में दो वैक्सीन को इस हप्ते ही मंजूरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन से दिसंबर में वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है। फाइजर और बायोएनटेक ने भी अमेरिका और यूरोपीय देशों में संस्थाओं से वैक्सीनेशन के लिए मंजूरी मांगी है। दोनों कंपनियों ने अपनी वैक्सीन के 95% असरदार होने का दावा किया है।